यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में सीएम योगी का बड़ा दावा- ‘यूपी दंगा मुक्त, माफिया मुक्त और कर्फ्यू मुक्त’
CM Yogi Adityanath ने लखनऊ में यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब दंगा, माफिया और कर्फ्यू मुक्त है। सम्मेलन में 5196 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौते हुए।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में टेक्सटाइल और वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में 5196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों पर समझौते किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों से उत्तर प्रदेश में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश नीति, बुनियादी ढांचे, प्रतिभा और बाजार—चारों स्तरों पर निवेश के लिए तैयार है। कार्यक्रम में उन्होंने कुटीर उद्योग और टेक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया।
‘पहले हर दिन होता था दंगा, आज यूपी दंगा मुक्त’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के कार्यकाल और अपनी सरकार के कार्यकाल की तुलना की। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल नहीं था।
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार के समय प्रदेश में इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी नहीं थी और ऐसे माहौल में फैक्ट्री लगाने की कल्पना करना भी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी ही सुरक्षित नहीं था तो फैक्ट्री की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होती।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश “दंगा मुक्त, माफिया मुक्त और कर्फ्यू मुक्त” है। उन्होंने कहा कि अब कोई माफिया खुलेआम जीप में घूमकर पिस्तौल नहीं लहरा सकता।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ तक
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आर्थिक विकास के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP)” को बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा कि पहले पेशेवर गुंडे अपनी व्यवस्था चलाते थे और लोगों के बीच पहचान का संकट था। अब प्रदेश में उद्योग, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए माहौल तैयार किया गया है।
तीन नई योजनाओं और पोर्टल का शुभारंभ
टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं और डिजिटल पहल की शुरुआत की। उन्होंने ‘यूपी टेक्स मित्र’ पोर्टल, ‘हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ और ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ का शुभारंभ किया।
इन पहलों का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े बुनकरों, उद्यमियों और युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और अन्य सुविधाओं से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने वस्त्र एवं परिधान उद्योग की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
PM मित्र पार्क और संत कबीर पार्क में निवेश की तैयारी
कॉन्क्लेव के पहले दिन आयोजित गोलमेज सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वस्त्र उद्योग के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। उन्होंने उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए।
इस दौरान पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क और संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क में इकाइयों की स्थापना को लेकर विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। सरकार की कोशिश इन पार्कों के जरिए प्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के लिए एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने की है।
टेक्सटाइल सेक्टर में AI और आधुनिक मशीनों पर चर्चा
कॉन्क्लेव के पहले दिन चार विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें वस्त्रोद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई।
इसके अलावा टेक्सटाइल उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में सुधार और वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
सरकार का फोकस निवेश और रोजगार पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार का जोर निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और पारंपरिक बुनकरी व हथकरघा उद्योग को नई तकनीक से जोड़ने पर है।
5196 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से उत्पादन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा तथा उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उत्पादन केंद्रों में स्थापित करने में मदद मिलेगी।


