ब्रजेश पाठक बटुक सम्मान लखनऊ: डैमेज कंट्रोल के बीच 101 बटुकों का पूजन
“डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर 101 बटुकों का पूजन और सम्मान किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच इस आयोजन को डैमेज कंट्रोल और ब्राह्मण राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर।”
लखनऊ, 19 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर 101 ब्राह्मण बटुकों का पूजन एवं सम्मान किया। उन्होंने पत्नी नम्रता पाठक के साथ बटुकों के माथे पर तिलक लगाया, पुष्पवर्षा की और हाथ जोड़कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण धार्मिक अनुष्ठान जैसा रहा।
राजनीतिक हलकों में इस आयोजन को प्रयागराज के माघ मेले से जुड़े घटनाक्रम और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण के बाद ‘डैमेज कंट्रोल’ की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हाल में बटुकों की शिखा खींचे जाने की घटना पर डिप्टी सीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को ‘पापी’ बताया था और कार्रवाई की मांग की थी।
17 फरवरी को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, “जिन लोगों ने बाल ब्राह्मणों की शिखा खींची है, उन्हें महापाप लगेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी द्वारा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के प्रयासों के बीच यह आयोजन एक राजनीतिक संदेश भी देता है। हाल के बजट सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी की थी, जिससे सियासी बहस और तेज हो गई।
इस मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने भी सरकार को घेरने की कोशिश की है। ऐसे में पाठक का यह कार्यक्रम राजनीतिक संकेतों से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम में पहुंचे बटुकों ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। पाठक ने कहा कि समाज की परंपराओं और आस्था का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रदेश की राजनीति में प्रतीकात्मक आयोजनों के बढ़ते महत्व के बीच डिप्टी सीएम का यह कदम न केवल विवाद के बाद संतुलन साधने का प्रयास माना जा रहा है, बल्कि उन्हें एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरे के रूप में स्थापित करने की पहल के तौर पर भी देखा जा रहा है।




