संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, गतिरोध के बीच 19 विधेयक हुए पारित

Parliament Monsoon Session 2026 समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुईं। जंतर-मंतर प्रदर्शन, Kharge के Haldwani ‘शुद्धिकरण’ बयान और 19 विधेयकों के पारित होने पर पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
नई दिल्ली। Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र आखिरकार गुरुवार, 13 अगस्त को समाप्त हो गया। सरकार और विपक्ष के बीच लगातार बने रहे गतिरोध और हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Adjourned Sine Die) कर दिया गया। अंतिम दिन भी सदन में राजनीतिक टकराव देखने को मिला। लोकसभा में कार्यवाही की शुरुआत वंदे मातरम् के साथ हुई और इसके बाद सदन स्थगित कर दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में मौजूद रहे।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चर्चा को लेकर आखिरी दिन तक गतिरोध
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर हुए अत्याचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग करता रहा। विपक्ष की मांग थी कि सरकार इस मामले में स्पष्ट जवाब दे और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी सदन में रखे।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा था कि वह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि यदि विपक्ष औपचारिक रूप से चर्चा के लिए तैयार होता है तो सत्र को आगे बढ़ाने तक पर विचार किया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा था कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार हो तो सत्र का समय बढ़ाना कोई बड़ी बात नहीं है।
हालांकि विपक्ष की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया और गतिरोध आखिरी दिन तक जारी रहा।
राहुल गांधी और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए सरकार पर सत्र के दौरान पर्याप्त जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना रहा कि उसे लंबे भाषण नहीं बल्कि उन सवालों के स्पष्ट जवाब चाहिए जिनको लेकर प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद हुआ।
दूसरी ओर BJP ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और चर्चा से बचने का आरोप लगाया। BJP अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने कहा कि संसद लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है और यहां जनता से जुड़े मुद्दों पर Debate, Discussion and Dialogue होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और INDIA bloc पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद किसी के निजी घर की तरह नहीं चलती और सदन की कार्यवाही निर्धारित संसदीय व्यवस्था के तहत होती है।
आखिरी दिन संसद में नारेबाजी और प्रदर्शन
13 अगस्त को संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर नारेबाजी की।
TMC सांसद सौगत राय ने सरकार पर सदन चलाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानना चाहता है कि प्रदर्शन के दौरान कथित गोलीबारी या कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
इसके जवाब में BJP ने विपक्ष पर चर्चा से भागने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
खड़गे ने उठाया हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा
मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा उठाया।
खड़गे ने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें जातिगत भेदभाव का अपमान महसूस हुआ। उन्होंने इसे छुआछूत से जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
खड़गे ने कहा कि रामलीला मैदान में सभी राजनीतिक दलों की सभाएं होती हैं और किसी नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है।
BJP ने आरोपों से किया इनकार
खड़गे के आरोपों पर BJP की ओर से कहा गया कि पार्टी इस तरह की किसी कार्रवाई का समर्थन नहीं करती। BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस घटना के पीछे कौन था, लेकिन मामले का पता लगाया जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताया, जबकि BJP ने पार्टी को घटना से जोड़ने के आरोपों को खारिज किया।
FCRA Amendment Bill को JPC भेजा गया
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा ने Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को आगे की जांच के लिए 31 सदस्यीय Joint Parliamentary Committee (JPC) को भेजने का प्रस्ताव मंजूर किया।
प्रस्ताव केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने रखा था। प्रस्तावित समिति में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल किए जाने हैं।
19 विधेयक हुए पारित
लगातार हंगामे और राजनीतिक गतिरोध के बावजूद संसद ने मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी काम पूरे किए। ETV Bharat के अनुसार सत्र के दौरान कुल 19 Bills पारित हुए, जिनमें Kerala का नाम Keralam करने वाला Bill और NCDC Amendment Bill भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 19 में से 7 विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए। यही आंकड़ा संसद में कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस का बड़ा आधार बन सकता है।
वहीं संसद का सत्र बार-बार स्थगित होने और विरोध-प्रदर्शन के कारण विपक्ष का कहना रहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।
संसद के मानसून सत्र की सबसे बड़ी तस्वीर
इस पूरे मानसून सत्र की तस्वीर को देखें तो एक तरफ सरकार ने कई विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने लगातार जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की मांग की।
NEET-UG से जुड़े विवाद, छात्र प्रदर्शन, जंतर-मंतर की कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद और अन्य मुद्दे सत्र के दौरान राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे।
सरकार लगातार विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील करती रही, जबकि विपक्ष सरकार से पहले अपने सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग करता रहा। यही खींचतान सत्र के अंतिम दिन तक जारी रही।
अब अगले सत्र पर नजर
संसद का मानसून सत्र अब समाप्त हो चुका है। लेकिन इस सत्र के दौरान उठे राजनीतिक और संसदीय सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और विपक्ष के बीच अगली बार सदन में बेहतर संवाद कैसे स्थापित होगा? क्या विपक्ष अपने मुद्दों को चर्चा के जरिए उठाएगा और क्या सरकार उन मुद्दों पर विस्तृत जवाब देगी?
क्योंकि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही और विपक्ष की सवाल पूछने की भूमिका दोनों महत्वपूर्ण हैं। संसद की सार्थकता इसी में है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस, संवाद और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़े।
संसद का मानसून सत्र भले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया हो, लेकिन इस सत्र में उठे सवाल और राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बने रहेंगे।

