‘पत्नी से बात कराओ’, सुलतानपुर विधायक विनोद सिंह का कथित ऑडियो वायरल, दुष्कर्म प्रयास मामले में जांच की मांग
भाजपा विधायक विनोद सिंह पर दुष्कर्म प्रयास के आरोप के बाद कथित ऑडियो वायरल हुआ है। पीड़िता ने राष्ट्रीय महिला आयोग और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
सुलतानपुर: भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विनोद सिंह पर लगे दुष्कर्म के प्रयास के आरोप के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में अब एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक एक महिला के पति से बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर विधायक महिला के पति से कह रहे हैं कि उन्होंने उनकी पत्नी को फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह महिला के पति से अपनी पत्नी से बात कराने के लिए कहते हैं।
‘पत्नी से कह दीजिए, मुझसे बात कर लें’
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो क्लिप प्रसारित हो रहे हैं। पहले ऑडियो में एक व्यक्ति की बातचीत विधायक विनोद सिंह और महिला के पति के बीच बताई जा रही है।
कथित बातचीत में विधायक महिला के पति से कहते हैं कि उनकी पत्नी से बात नहीं हो पा रही है। इस पर महिला का पति जवाब देता है कि वह मंदिर गई हैं। इसके बाद कथित तौर पर विधायक कहते हैं- “पत्नी से कह दीजिए, मुझसे बात कर लें।”
दूसरे ऑडियो में एक व्यक्ति महिला के पति को फोन कर कथित तौर पर कह रहा है कि मंत्री जी (विनोद सिंह) बात करना चाहते थे। हालांकि, इन ऑडियो की पुष्टि नहीं की गई है।
पीड़िता ने महिला आयोग और पुलिस से की कार्रवाई की मांग
मामले में पीड़िता ने राष्ट्रीय महिला आयोग और लखनऊ की हजरतगंज पुलिस को पत्र भेजकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ने पत्र में परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो उसे और उसके परिवार को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
महिला ने पुलिस को ईमेल और पत्र के माध्यम से मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग भी की है।
विधायक से संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब
मामले में विधायक विनोद सिंह का पक्ष जानने के लिए फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।


