बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर लखनऊ पहुंचा, मायावती समेत दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त को कैंसर से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर लखनऊ आवास लाया गया, जहां मायावती समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। बलिया में आज अंतिम संस्कार होगा।
लखनऊ/बलिया: Umashankar Singh Death LIVE Update: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास पर लाया गया, जहां पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मायावती ने दी श्रद्धांजलि, बताया पार्टी का वफादार नेता
बसपा प्रमुख मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह पार्टी के कर्मठ, ईमानदार और पूरी तरह समर्पित नेता थे।
मायावती ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।
सीएम योगी और अखिलेश यादव ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करें।
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
तीन बार रसड़ा से विधायक बने उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के खनवर गांव में हुआ था।
उन्होंने वर्ष 2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह बसपा के एकमात्र विधायक बने थे।
बलिया में होगा अंतिम संस्कार
उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर लखनऊ आवास पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद उनके पैतृक गांव बलिया में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनके निधन से बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है।



