NEET विवाद पर विपक्ष का ब्लैक प्रदर्शन, काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी समेत सांसद; सरकार पर बोला हमल
NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। राहुल गांधी समेत कांग्रेस, सपा और TMC नेताओं ने केंद्र सरकार को घेरा और अमित शाह व धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को और तेज हो गया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने छात्रों से कथित बदसलूकी, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और विपक्षी सांसदों के साथ सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन के दौरान अनुचित व्यवहार किया। इसी के विरोध में सांसदों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
राहुल गांधी भी काले कपड़ों में पहुंचे संसद
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी सांसदों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
सपा सांसदों ने काले स्कार्फ पहनकर जताया विरोध
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सपा सांसदों ने काले स्कार्फ पहनकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी विपक्ष के धरने में शामिल हुए थे।
विपक्षी दलों का कहना है कि युवाओं के मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर जवाब देने की मांग की।
विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने का फैसला मंगलवार को हुए घटनाक्रम के विरोध में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने कठोर कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि संसद के मकर द्वार पर किया गया प्रदर्शन सुरक्षा बलों की कथित कार्रवाई के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का माध्यम है।
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
राजद सांसद संजय यादव ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं और बेरोजगारी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।
कई राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया था।
विपक्ष का कहना है कि सरकार के खिलाफ उनका आंदोलन जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए है। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



