योगी सरकार का कड़ा एक्शन—समय पर घर न देने वाले बिल्डरों की 10% जमीन जब्त होगी
“योगी सरकार का बड़ा फैसला—इंटिग्रेटेड टाउनशिप योजनाओं में देरी करने वाले बिल्डरों की 10% बंधक जमीन जब्त होगी। आवास विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। इंटिग्रेटेड टाउनशिप योजनाओं के तहत लाइसेंस पाने के बाद समय पर आवास निर्माण और आवंटन न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ आवास विभाग ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि जो बिल्डर निर्धारित समयसीमा में मकान नहीं बना पाएंगे या आवंटन में देरी करेंगे, उनकी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़ी बंधक 10% जमीन सरकार द्वारा जब्त कर ली जाएगी।
उत्तर प्रदेश में इंटिग्रेटेड टाउनशिप योजनाओं में काम में देरी करने वाले बिल्डरों पर योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। आवास विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन बिल्डरों ने लाइसेंस लेकर समय पर मकान निर्माण या आवंटन नहीं किया है, उन पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने आदेश दिया है कि टाउनशिप योजनाओं में तय समय सीमा का पालन न करने वाले बिल्डरों की परियोजना से संबंधित बंधक रखी गई 10 फीसदी जमीन जब्त कर ली जाएगी। यह भूमि बिल्डरों द्वारा टाउनशिप का लाइसेंस लेने के दौरान सुरक्षा के रूप में जमा की जाती है।
आवास विभाग के अनुसार, कई बिल्डर लाइसेंस लेने के बाद मकान निर्माण में देरी करते हैं, जिससे खरीदारों को समय पर आवास नहीं मिलता और परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी पड़ी रहती हैं। अब सरकार ऐसे बिल्डरों के खिलाफ कठोर कदम उठाकर रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के प्रयास में है।
सूत्रों के मुताबिक यह कदम निवेशकों और घर खरीदने वालों के हित में लिया गया है, ताकि लोगों की पूंजी वर्षों तक फंसी न रहे और परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो सकें। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में प्रोजेक्ट देरी पर और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।


