गेहूं MSP बढ़ा: किसानों के लिए बड़ी राहत, 2585 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा समर्थन मूल्य
“गेहूं MSP बढ़ा – किसानों के लिए बड़ी खबर। उरई में 1 मार्च 2026 से गेहूं की खरीद शुरू होगी। समर्थन मूल्य 160 रुपये बढ़कर 2585 रुपये प्रति क्विंटल हुआ। भुगतान 48 घंटे में PFMS से सीधे खाते में मिलेगा।”
उरई। गेहूं MSP 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। अब किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जाएगी।
जिले में गेहूं खरीद को लेकर शासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत 1 मार्च 2026 से उरई जिले में लगभग 70 गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। पिछले वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये था, जिसे इस बार बढ़ाकर 2585 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। गेहूं बिक्री के 48 घंटे के भीतर PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
घर से उठान की सुविधा
यदि किसी किसान के पास अधिक मात्रा में अनाज है और वह केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहा है, तो प्रशासन द्वारा किसान के घर से ही उपज उठान की व्यवस्था भी की जाएगी।
अन्य रबी फसलों के MSP में भी बढ़ोतरी
सरकार ने गेहूं के साथ-साथ अन्य रबी फसलों के समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
(2026-27) रबी फसलों का नया MSP
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गेहूं: 2425 → 2585 (↑160)
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जौ: 1980 → 2150 (↑170)
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चना: 5650 → 5875 (↑225)
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मसूर: 6700 → 7000 (↑300)
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सरसों: 5950 → 6200 (↑250)
पंजीकरण अनिवार्य
किसानों को सलाह दी गई है कि वे आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों को अपडेट कराएं और समय रहते पंजीकरण पूरा करें। यदि किसान स्वयं केंद्र पर उपस्थित नहीं हो सकता, तो परिवार के नामित सदस्य का आधार विवरण देना अनिवार्य होगा।
पिछले वर्ष की स्थिति
पिछले वर्ष जिले में 3 लाख 03 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। इस बार शासन से जो भी लक्ष्य मिलेगा, उसे 100 प्रतिशत पूरा करने की योजना बनाई गई है। वारदाना की व्यवस्था भी मांग के अनुसार की जा रही है।
जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि किसानों का गांव-गांव जाकर पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।



