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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: AIMIM-JUP गठबंधन, ओवैसी बोले- मुस्लिम नेतृत्व बनाना लक्ष्य

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में AIMIM और JUP का गठबंधन। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- मुस्लिमों के लिए स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व बनाना पहला लक्ष्य। जानें पूरी रणनीति।

पश्चिम बंगाल। कोलकाता में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नई सियासी हलचल तेज हो गई है। AIMIM ने जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है।

पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य राज्य में मुस्लिम अल्पसंख्यक के लिए स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना है।

“स्वतंत्र नेतृत्व से होगा विकास”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा,
“हमारा पहला लक्ष्य है कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समाज का अपना स्वतंत्र और मजबूत नेतृत्व उभरे। यह गठबंधन केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लंबे समय तक चलेगा।”

उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय का स्वतंत्र नेतृत्व कमजोर है, वहां सामाजिक और आर्थिक विकास के संकेतक भी कमजोर हैं।

सीट बंटवारे पर अंतिम दौर

ओवैसी के मुताबिक, सीट शेयरिंग पर लगभग सहमति बन चुकी है और केवल 2-3 सीटों पर अंतिम चर्चा बाकी है।
वहीं हुमायूं कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिनमें से करीब 8 सीटें AIMIM को दी जाएंगी।

संयुक्त रैलियों का कार्यक्रम

गठबंधन के तहत पूरे राज्य में 20 संयुक्त रैलियां की जाएंगी—

  • पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में
  • इसके बाद मुर्शिदाबाद, मालदा, बीरभूम, उत्तर दिनाजपुर, आसनसोल और कोलकाता में सभाएं होंगी

ओवैसी भी 1 अप्रैल को नामांकन के दौरान रैली में शामिल होंगे।

“लंबी साझेदारी” का संकेत

हुमायूं कबीर ने इस गठबंधन को दीर्घकालिक बताते हुए कहा कि यह सिर्फ 2026 चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने ओवैसी को “बड़ा भाई” बताते हुए इस साझेदारी को मजबूत बताया।

चुनाव कार्यक्रम
  • मतदान: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल (दो चरण)
  • मतगणना: 4 मई

बंगाल की सियासत में AIMIM और JUP का यह गठबंधन नए समीकरण बना सकता है। खासतौर पर मुस्लिम वोट बैंक में यह गठबंधन कितना प्रभाव डालता है, यह चुनाव परिणाम तय करेंगे।

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