KGMU की कुलपति फिर बनीं प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, तीन साल का होगा दूसरा कार्यकाल

KGMU की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने दोबारा नियुक्त किया है। उनका दूसरा कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। जानें नियुक्ति आदेश और उनके चिकित्सा क्षेत्र के योगदान की पूरी जानकारी।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को दोबारा KGMU का कुलपति नियुक्त किया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से रविवार को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया।
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को अब तीन वर्ष के दूसरे कार्यकाल के लिए KGMU की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले उन्होंने 10 अगस्त 2023 को विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था।
2023 में पहली बार बनी थीं कुलपति
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने 10 अगस्त 2023 को KGMU के कुलपति पद का कार्यभार संभाला था। अब दोबारा नियुक्ति के बाद वह अगले तीन वर्षों तक विश्वविद्यालय का नेतृत्व करेंगी।
चिकित्सा एवं शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 26 जनवरी 2025 को पद्मश्री से सम्मानित किया था। वह भारतीय इम्यूनोलॉजिस्ट और हीमैटोलॉजिस्ट हैं।
चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में खास पहचान
प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद चिकित्सा एवं शोध के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। KGMU के कुलपति के रूप में उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और चिकित्सा व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाई है।
उनके परिवार की भी चिकित्सा शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि रही है। उनके पिता पद्मश्री डॉ. नित्यानंद केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और निदेशक रहे थे। उन्हें भारत की पहली गैर-स्टेरॉयड गर्भनिरोधक गोली ‘सहेली’ के विकास से जुड़े वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता है।
दूसरे कार्यकाल में जारी रहेगी जिम्मेदारी
दोबारा नियुक्ति के साथ प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद KGMU के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को आगे बढ़ाएंगी। राज्यपाल सचिवालय से नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद उनके दूसरे कार्यकाल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।



