अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, सुलतानपुर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

“सुलतानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने अमित शाह मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोर्ट के बाहर पटाखे छोड़े और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।”
सुलतानपुर/लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अमित शाह मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सुलतानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबंध में कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े इस मुकदमे में लंबे समय से कानूनी कार्यवाही चल रही थी। अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने कोर्ट परिसर के बाहर जमकर जश्न मनाया।
इस फैसले को राहुल गांधी के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गई थीं। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से शुरू हुआ विवाद
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज यह मानहानि मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। उस समय राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी।
इस बयान को लेकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने आपत्ति जताई थी। उनका आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ सुलतानपुर की अदालत में परिवाद दाखिल किया था।
मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा बटोरी। इसके बाद अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई और समय-समय पर दोनों पक्षों की ओर से अपना पक्ष रखा गया।
आवाज के मिलान का मुद्दा भी पहुंचा था हाईकोर्ट
मुकदमे की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के बयान और उनकी आवाज के मिलान का मुद्दा भी सामने आया था। इस विषय को लेकर मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। परिवादी की ओर से इस संबंध में याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन संबंधित याचिका निरस्त हो गई।
इसके बाद निचली अदालत में मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ी। गवाहों के बयान और आरोपित के पक्ष को सुनने के साथ ही मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने रखीं कानूनी दलीलें
इस मामले में राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बचाव पक्ष की दलीलें पेश कीं, जबकि परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपना पक्ष रखा।
दोनों पक्षों के बीच मामले के विभिन्न कानूनी पहलुओं पर लंबी बहस हुई। शेष बहस पिछले दो तारीखों से चल रही थी। इसके बाद अदालत ने 26 अक्टूबर को फैसला सुनाया और राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
अदालत के इस फैसले से लंबे समय से चल रहे मानहानि मुकदमे पर महत्वपूर्ण विराम लगा है।
फैसले के बाद कोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जश्न
राहुल गांधी के बरी होने की खबर सामने आते ही सुलतानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। अदालत के बाहर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों की धुन पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। कोर्ट परिसर के बाहर जश्न का माहौल रहा। कांग्रेस समर्थकों ने इसे राहुल गांधी के लिए बड़ी राहत और पार्टी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।
सुलतानपुर पहुंचने से पहले राहुल गांधी के काफिले की कारें आपस में टकराईं
राहुल गांधी के सुलतानपुर दौरे से पहले सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक सड़क हादसा भी हुआ। जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां से वह सड़क मार्ग से सुलतानपुर के लिए रवाना हुए।
इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर क्षेत्र में माइलस्टोन 89.5 के पास उनके काफिले के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं।
हादसे में राहुल गांधी को कोई चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद काफिले की सुरक्षा और सड़क पर वाहनों की आवाजाही को लेकर भी चर्चा हुई।
राहुल गांधी के लिए अहम कानूनी राहत
अमित शाह मानहानि मामले में सुलतानपुर अदालत का फैसला राहुल गांधी के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से शुरू हुआ यह विवाद लंबे समय तक अदालत में विचाराधीन रहा।
फैसले के बाद जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की, वहीं इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी और मानहानि से जुड़े मामलों को चर्चा में ला दिया है।


