सावन में बाबा विश्वनाथ के प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक, जानें दर्शन की नई व्यवस्था
सावन माह में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए जिग-जैग रेलिंग, बैरिकेडिंग, मेडिकल, पेयजल और लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई है।
वाराणसी। सावन माह में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार सावन के दौरान मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सावन मास की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विभागों को जिम्मेदारी सौंपी।
प्रोटोकॉल दर्शन पर क्यों लगी रोक?
सावन के सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने और आम भक्तों को सुगम दर्शन कराने के उद्देश्य से इस बार VIP और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को प्रतिबंधित किया गया है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराए जा सकें।
जिग-जैग रेलिंग और बैरिकेडिंग से होगी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की लंबी कतार को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जिग-जैग रेलिंग लगाई जाएगी।
इसके अलावा—
- बैरिकेडिंग व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
- सुरक्षा के लिए CCTV कैमरों की निगरानी रहेगी।
- बिजली उपकरणों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा।
- गलियों में लटक रहे बिजली के तारों को ठीक कराया जाएगा।
ऑनलाइन भी कर सकेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन
जो श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए बाबा विश्वनाथ का लाइव दर्शन उपलब्ध रहेगा।
मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के माध्यम से भक्त घर बैठे बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
इन मार्गों से मिलेगा मंदिर में प्रवेश
सावन माह में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश के कई मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
श्रद्धालु इन रास्तों से मंदिर पहुंच सकेंगे—
- गेट नंबर-4
- काशी द्वार मार्ग 4बी
- नंदू फारिया प्रवेश मार्ग
- सिल्को मार्ग
- ढुंढिराज मार्ग
- सरस्वती फाटक
- भैरव द्वार
गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाट की ओर से प्रवेश अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
सावन के चार सोमवार को होगा विशेष श्रृंगार
सावन माह में बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
सावन सोमवार श्रृंगार कार्यक्रम:
- 3 अगस्त (पहला सोमवार): श्री शंकर स्वरूप श्रृंगार
- 10 अगस्त (दूसरा सोमवार): गौरी-शंकर श्रृंगार
- 17 अगस्त (तीसरा सोमवार): अर्द्धनारीश्वर श्रृंगार
- 24 अगस्त (चौथा सोमवार): रुद्राक्ष श्रृंगार
- 27 अगस्त (पूर्णिमा): झूला श्रृंगार
श्रद्धालुओं के लिए मिलेंगी ये सुविधाएं
सावन में आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन ने कई सुविधाओं की व्यवस्था की है।
- बड़े कूलर लगाए जाएंगे।
- शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
- मेडिकल कैंप और ORS की व्यवस्था होगी।
- वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट चलेंगे।
- खोया-पाया केंद्र बनाया जाएगा।
- धाम और गोदौलिया से मैदागिन तक PA सिस्टम से सूचनाएं प्रसारित होंगी।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि—
- खाली पेट लंबी कतार में न लगें।
- स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, बड़े बैग और अनावश्यक सामान न लाएं।
- किसी दलाल या बहकावे में न आएं।
- दर्शन कराने के नाम पर पैसे मांगने वालों की शिकायत करें।



