राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लखनऊ ब्रह्माकुमारीज समागम में बोलीं—‘आगे बढ़ने से पहले भीतर झांकना जरूरी’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लखनऊ ब्रह्माकुमारीज समागम में पहुंचीं और राजयोग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में आगे बढ़ने से अधिक भीतर झांकने की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है।
लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लखनऊ ब्रह्माकुमारीज समागम में बुधवार को पहुँचीं, जहां उन्होंने सुल्तानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन में नव निर्मित राजयोग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि “आज के समय में केवल आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने की यात्रा शुरू करना अनिवार्य है।”
उन्होंने कहा कि शांति और सुख बाहरी साधनों से नहीं बल्कि आंतरिक मन की अवस्था से उत्पन्न होते हैं। राष्टपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मूल्य-आधारित शिक्षा की दिशा में अहम कदम बताया और कहा कि भारत ने G-20 के माध्यम से वन वर्ल्ड, वन अर्थ, वन फैमिली का संदेश देकर वैश्विक एकता को नई दिशा दी।
समागम में उपस्थित साधकों और अतिथियों का उत्साह देखते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज का मिशन गांव-गांव तक शांति और प्रेम का संदेश पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों साधकों और आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल आगे बढ़ने पर ज़ोर नहीं बल्कि अपने भीतर झांकने की आवश्यकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि संस्था द्वारा गांव-गांव में किये जा रहे आत्म-विश्वास व एकता प्रसार के काम का महत्त्वपूर्ण योगदान है। ब्रह्माकुमारीज के सांस्कृतिक प्रस्तुति कार्यक्रमों और पारंपरिक वाद्यों ने कार्यक्रम को और भव्य बनाया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारीज के नए राजयोग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया — यह केंद्र बड़े पैमाने पर ध्यान और वैल्यू शिक्षा के प्रसार के लिए बनता है और बताया जा रहा है कि यहाँ एक समय में डेढ़ लाख तक लोग अभ्यास कर सकेंगे । कार्यक्रम में अनेक VIP और आम सदस्य शामिल थे; प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण हेतु विस्तृत बंदोबस्त किये
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिसमें मथुरा से आए कलाकारों ने रासलीला प्रस्तुत की।
राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के लिए प्रशासनिक व सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — उनके कार्यक्रम में राजभवन और अन्य आधिकारिक मुलाकातें भी शामिल हैं।




