अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना
रामलला की पूजा-अर्चना व आरती में शामिल; नवसंवत्सर पर दिया सनातन परंपरा का संदेश
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की और रामलला की पूजा-अर्चना की। नवसंवत्सर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।”
अयोध्या। द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने राम मंदिर अयोध्या में श्रीराम यंत्र की स्थापना कर पूजा-अर्चना की। नवसंवत्सर के शुभ अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए देशवासियों को संदेश भी दिया।
राष्ट्रपति के आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से मंदिर तक कड़ी सुरक्षा के बीच उनका काफिला रवाना हुआ।
25 स्थानों पर सांस्कृतिक स्वागत
एयरपोर्ट से राम मंदिर तक करीब 25 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। कलाकारों ने लोकनृत्य और भक्ति प्रस्तुतियों से रामनगरी का माहौल भक्तिमय बना दिया।
श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन
राम मंदिर परिसर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच द्वितीय तल पर स्थित गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना पूजन में भाग लिया। इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी और वैदिक आचार्य भी मौजूद रहे।
रामलला के दर्शन और आरती
पूजन के बाद राष्ट्रपति ने रामलला की पूजा-अर्चना की और प्रथम तल पर विराजमान श्री राम दरबार की आरती उतारी। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और हनुमान की प्रतिमाओं की जानकारी दी।
संबोधन में दिया संदेश
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला।




