ओवैसी बोले– हिजाब पहनने वाली बेटी भी बन सकती है भारत की प्रधानमंत्री
“ओवैसी हिजाब प्रधानमंत्री बयान भारत: महाराष्ट्र के सोलापुर में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने संविधान और समान अधिकारों की बात कही।”
महाराष्ट्र । ओवैसी हिजाब प्रधानमंत्री बयान भारत एक बार फिर सियासी बहस का केंद्र बन गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारतीय संविधान इतना मजबूत और समावेशी है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भी इस देश की प्रधानमंत्री बन सकती है।
महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित चुनावी जनसभा में बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक को उसके धर्म, पहनावे या पहचान के आधार पर सीमित नहीं करता। उन्होंने कहा कि यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे की तुलना करते हुए कहा कि जहां पाकिस्तान का संविधान केवल एक विशेष धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति देता है, वहीं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री बनना किसी एक समुदाय का अधिकार नहीं, बल्कि हर भारतीय का सपना हो सकता है।”
AIMIM प्रमुख ने मुसलमानों के खिलाफ फैल रही नफरत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती और जब समाज में प्रेम और भाईचारा मजबूत होगा, तब लोगों को एहसास होगा कि किस तरह उनके सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित किया गया।
ओवैसी के इस बयान पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि पहले वे अपनी पार्टी में किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को शीर्ष पद पर बैठाकर दिखाएं।
सभा के दौरान ओवैसी ने UAPA कानून का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस सरकार के दौरान हुए संशोधनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग हो रहा है, जिसके कारण कई युवा वर्षों से जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। सभी दल रैलियों और सभाओं के जरिए मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।




