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‘हिंदू राष्ट्र की घोषणा की जरूरत नहीं’—मुजफ्फरपुर में मोहन भागवत का बड़ा बयान

“Mohan Bhagwat Muzaffarpur Statement: बिहार के मुजफ्फरपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है ही। जनसंख्या नीति, सामाजिक सद्भाव और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर।”

बिहार। Mohan Bhagwat Muzaffarpur Statement के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित सामाजिक सद्भाव संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही हिंदू राष्ट्र है।

जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को तीन बच्चे पैदा करने से किसी ने नहीं रोका है, जबकि सरकारें 2-1 बच्चों की नीति की बात करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की पहचान विविधता में एकता है, न कि अलगाव में।

विदेशी हस्तक्षेप और आत्मनिर्भरता पर जोर

RSS प्रमुख ने कहा कि भारत के तेजी से आगे बढ़ने से कुछ विदेशी शक्तियां असहज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें भारत की प्रगति में बाधा डालना चाहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में आत्मनिर्भरता ही देश को मजबूत बनाने का स्थायी रास्ता है।

सद्भाव से ही होगा समाज का उत्थान

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को किसी ने अपनी ताकत से गुलाम नहीं बनाया, बल्कि आपसी फूट का लाभ उठाया गया। यदि समाज में सद्भाव बना रहेगा तो समस्याएं स्वतः हल होंगी और लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेंगे।

स्थानीय स्तर पर समाधान की अपील

प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि समाज को केवल शिकायत करने के बजाय समाधान की दिशा में भी पहल करनी चाहिए। यदि प्रखंड स्तर पर समाज अपनी समस्याओं पर मंथन करे तो नेताओं पर निर्भरता कम होगी।

कार्यक्रम में क्षेत्र कार्यवाह मोहन सिंह, उत्तर बिहार प्रांत संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन सहित संघ के कई वरिष्ठ स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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