सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में हाउस अरेस्ट के बावजूद सपा सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी सहारनपुर पहुंच गए। दोनों ध्वस्तीकरण स्थल जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया।
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुजफ्फरनगर में हाउस अरेस्ट किए गए समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। दोनों नेताओं ने सहारनपुर स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद ध्वस्तीकरण स्थल पर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
सहारनपुर में अवैध बताई गई मस्जिद को प्रशासन की ओर से तीन दिन पहले ध्वस्त कराया गया था। कार्रवाई के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने भी मामले की जानकारी लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी की थी।
प्रतिनिधिमंडल भेजने से पहले नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
सपा की ओर से प्रतिनिधिमंडल को सहारनपुर भेजे जाने की जानकारी के बाद पुलिस ने मुजफ्फरनगर में पार्टी के प्रमुख नेताओं पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। पुलिस ने सांसद हरेंद्र मलिक, जिलाध्यक्ष जिया चौधरी और पूर्व मीडिया प्रभारी साजिद हसन समेत पार्टी के कई पदाधिकारियों को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया।
इसके अलावा सभी तहसीलों में नगर अध्यक्षों को भी हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई। रविवार से ही संबंधित नेताओं के आवासों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि वे सहारनपुर न जा सकें।
पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंचे हरेंद्र मलिक और जिया चौधरी
सोमवार को हाउस अरेस्ट के दौरान सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। दोनों नेता सहारनपुर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
इसके बाद दोनों ने कार्यकर्ताओं के साथ उस स्थान पर जाने का प्रयास किया, जहां मस्जिद को ध्वस्त किया गया है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा बल ने उन्हें ध्वस्तीकरण स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर से जुड़े मस्जिद प्रकरण में प्रशासन की कार्रवाई के बाद राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। सपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
सपा की ओर से मामले की वास्तविक स्थिति जानने और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी की गई थी। पुलिस ने इसे देखते हुए मुजफ्फरनगर में ही पार्टी नेताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन हरेंद्र मलिक और जिया चौधरी सहारनपुर पहुंचने में सफल रहे।
ध्वस्तीकरण स्थल पर जाने से पुलिस ने रोका
सहारनपुर पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने पहले मंडलायुक्त कार्यालय जाकर अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद वे ध्वस्तीकरण स्थल का दौरा करना चाहते थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
मामले को लेकर सहारनपुर और मुजफ्फरनगर दोनों जिलों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी हुई है। राजनीतिक दलों की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



