लखनऊ में ₹50 हजार के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, बिजनेस पार्टनर समेत दो गिरफ्तार
लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर अरविंद कुमार रावत हत्याकांड में पुलिस ने बिजनेस पार्टनर अमन धीमान और रवि गौतम को गिरफ्तार किया। ₹50 हजार के विवाद का दावा, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर अरविंद कुमार रावत की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे 50 हजार रुपये के बकाये को लेकर हुआ विवाद था। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक का बिजनेस पार्टनर अमन धीमान और उसका साथी रवि कुमार गौतम शामिल हैं। मामले में एक 14 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि साक्ष्य मिटाने के आरोप में कार लेकर फरार बताए जा रहे तीसरे आरोपी सूरज रावत की तलाश जारी है।
अचरामऊ गांव के बाहर बोरे में मिला था शव
अरविंद कुमार रावत का शव बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र के अचरामऊ गांव के बाहर एक बोरे में मिला था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई पहलुओं की पड़ताल की। DCP उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक, मृतक अरविंद इंदिरानगर का निवासी था और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। अमन धीमान भी इसी कारोबार से जुड़ा था।
पुलिस के अनुसार, अमन पर अरविंद के 50 हजार रुपये बकाया थे। इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो कथित तौर पर हत्या की वजह बना।
50 हजार रुपये मांगने पर बढ़ा विवाद
पुलिस के खुलासे के मुताबिक, 12 अक्टूबर की रात अरविंद ने बकाया रकम लेने के लिए अमन को शराब के ठेके के पास बुलाया था। इसके बाद दोनों एक नाबालिग के साथ मानस ग्रीन योजना स्थित प्लॉट में बने कार्यालय के पीछे पहुंचे, जहां उन्होंने शराब पी।
पुलिस का कहना है कि अरविंद ने पूरी रकम तत्काल देने की मांग की, जबकि अमन कथित तौर पर सिर्फ 10 हजार रुपये देने की बात कह रहा था। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अमन ने ईंट और भारी कंक्रीट के पत्थरों से अरविंद के सिर पर वार किए। पुलिस के अनुसार, इसके बाद हथौड़े से भी हमला किया गया, जिससे अरविंद की मौत हो गई।
बोरे में भरकर कार से ले गए शव, गांव के बाहर फेंका
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने नाबालिग की मदद से शव को बोरे में रखा और कार की डिग्गी में डालकर अचरामऊ गांव के बाहर कच्चे चकमार्ग पर फेंक दिया। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि वारदात के बाद खून से सनी कार को धुलवाया गया और उसे सूरज रावत को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, सूरज कार लेकर फरार है। मृतक का मोबाइल फोन भी झाड़ियों में फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
किसान पथ के पास से दो आरोपी गिरफ्तार
DCP उत्तरी के मुताबिक, वारदात के बाद अमन धीमान और रवि कुमार गौतम बाइक से जिले से बाहर चले गए थे। 17 अक्टूबर की देर रात दोनों के किसान पथ से गोहना कला की ओर आने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का दावा है कि दोनों घटनास्थल पर शेष साक्ष्य मिटाने के इरादे से लौटे थे। इस दावे और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच में जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर होगी।
हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद करने का दावा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो बड़े कंक्रीट के पत्थर, ईंट का टुकड़ा, लोहे के हथौड़े का फाल, लकड़ी का बेंट, दो मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक बरामद करने की जानकारी दी है।
DCP के अनुसार, मुख्य आरोपी अमन धीमान के खिलाफ इंदिरानगर और वजीरगंज थानों में पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैर-इरादतन हत्या, आर्म्स एक्ट और मारपीट से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अमन धीमान और रवि कुमार गौतम गिरफ्तार हैं, जबकि 14 वर्षीय बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में है। कार लेकर फरार बताए जा रहे सूरज रावत की तलाश जारी है। पुलिस मामले में बरामद सामान, मोबाइल फोन, वाहन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल, पुलिस ने हत्या के पीछे 50 हजार रुपये के बकाये को लेकर विवाद को प्रमुख वजह बताया है। मामले में आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।


