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इजराइल का बड़ा दावा: ईरान के ताकतवर अफसर लारिजानी ढेर, सुलेमानी भी मारे गए

“इजराइल ने दावा किया है कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारी लारिजानी और बसीज फोर्स कमांडर सुलेमानी मारे गए हैं। हालांकि ईरान ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।”

तेल अवीव/तेहरान। इजराइल ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के बीच बड़ा दावा किया है। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के सबसे ताकतवर अधिकारियों में शामिल अली लारिजानी एक हमले में मारे गए हैं।

इसी के साथ इजराइल ने यह भी दावा किया है कि बसीज फोर्स के कमांडर सुलेमानी की भी मौत हो गई है। हालांकि ईरान की ओर से अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इजराइल का दावा, ईरान की चुप्पी

इजराइली सैन्य सूत्रों का कहना है कि हालिया एयरस्ट्राइक में ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े लोग मौजूद थे।

हालांकि, ईरान की सरकार या सैन्य प्रतिष्ठान की ओर से अब तक किसी भी बड़े अधिकारी की मौत की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है।

कौन हैं अली लारिजानी

अली लारिजानी ईरान की राजनीति के बेहद प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते रहे हैं। वे पहले संसद के स्पीकर रह चुके हैं और देश की रणनीतिक नीतियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।

बसीज फोर्स की भूमिका

बसीज फोर्स ईरान की एक प्रमुख अर्धसैनिक इकाई है, जो आंतरिक सुरक्षा और सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाती है। इसके कमांडर की मौत का दावा ईरान के सुरक्षा ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

तनाव के बीच बढ़े हमले

इजराइल लगातार ईरान के विभिन्न शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता, विशेषकर मिसाइल और परमाणु ढांचे को कमजोर करना बताया जा रहा है।

दूसरी ओर, ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अगर इजराइल के दावे सही साबित होते हैं, तो यह संघर्ष और ज्यादा भड़क सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष अधिकारियों की मौत की पुष्टि होने पर ईरान की ओर से बड़ा जवाबी हमला देखने को मिल सकता है।

स्थिति पर नजर

फिलहाल पूरे मामले पर दुनिया की नजर टिकी हुई है। जब तक ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं आता, तब तक इस दावे को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।

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