ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान: ‘हम हमला नहीं करेंगे, लेकिन…’ अमेरिका को बताया सपना
“ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों को लेकर माफी मांगी, लेकिन चेतावनी दी कि अगर उनकी जमीन से ईरान पर हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई होगी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।”
नई दिल्ली / तेहरान। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन हमलों को रोकने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसी पड़ोसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया गया तो तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित पहले से रिकॉर्ड किए गए भाषण में सामने आया। यह बयान उस समय आया जब हाल के दिनों में बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कई हमले हुए थे।
शर्त के साथ मांगी माफी
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि इन हमलों के पीछे कुछ मामलों में सैन्य रैंकों के बीच गलतफहमी जिम्मेदार रही। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति चाहता है और पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब नहीं करना चाहता।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि अगर किसी देश की जमीन से ईरान के खिलाफ हमला होता है तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा।
अमेरिका को दी चेतावनी
अमेरिका की ओर से ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग पर ईरानी राष्ट्रपति ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “अमेरिका का यह सपना है कि ईरान सरेंडर करेगा, लेकिन यह सपना ही रहेगा।”
दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा था कि जब तक ईरान पूरी तरह झुक नहीं जाता, तब तक कोई कूटनीतिक बातचीत संभव नहीं है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा सैन्य तनाव
हाल के दिनों में ईरान ने कई बार इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी हैं। वहीं अमेरिका और इजरायल ने भी ईरान की सैन्य क्षमताओं और न्यूक्लियर कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल को 151 मिलियन डॉलर के नए हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
शनिवार सुबह इजरायल की राजधानी यरुशलम में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान से आने वाली मिसाइलों के कारण लोगों को बम शेल्टर में जाना पड़ा, हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।




