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भारत-नेपाल सीमा गांव विकास: योगी सरकार ने बदली चौगुर्जी गांव की तस्वीर

“भारत-नेपाल सीमा गांव विकास: योगी सरकार की पहल से लखीमपुर खीरी के चौगुर्जी गांव को दशकों बाद पुल, शुद्ध पेयजल, सोलर लाइट और स्मार्ट शिक्षा की सुविधा मिली।”

हाइलाइट्स :

  • दशकों बाद चौगुर्जी गांव को मिला पांटून पुल
  • जल जीवन मिशन से हर घर शुद्ध पेयजल
  • 20 सोलर स्ट्रीट लाइटों से गांव रोशन
  • परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू
  • एम्बुलेंस और स्कूल बस की पहुंच आसान

लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर खीरी जिले का चौगुर्जी गांव, जो वर्षों से दुर्गम भूगोल और नदियों के बीच विकास से कटा हुआ था, अब योगी सरकार की विकासशील सोच से मुख्यधारा में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “हर गांव तक विकास” के संकल्प ने इस सीमावर्ती गांव की दशकों पुरानी तस्वीर बदल दी है।

गुरुवार को जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और विधायक शशांक वर्मा ने कर्णाली और मोहना नदी पर बने पांटून पुल सहित कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया। यह पुल गांव के 109 परिवारों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जीवन और सम्मान की नई राह बनकर उभरा है।

पुल से खत्म हुई दूरियां

पुल बनने से पहले चौगुर्जी गांव तक पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगता था। अब एम्बुलेंस, स्कूल बस और जरूरी सेवाएं मिनटों में गांव तक पहुंच सकेंगी। आपात स्थिति में यह पुल ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।

 जल जीवन मिशन से स्वास्थ्य को राहत

गांव के लिए सबसे बड़ी राहत शुद्ध पेयजल के रूप में सामने आई है। वर्षों से आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीणों के घरों में अब जल जीवन मिशन के तहत नल से साफ पानी पहुंच रहा है। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

 रोशनी और शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव

योगी सरकार ने गांव की गलियों को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए 20 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। वहीं, परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट क्लास, सोलर ऊर्जा और नए फर्नीचर से लैस किया गया है। इससे सीमावर्ती गांव के बच्चे भी अब डिजिटल शिक्षा से जुड़ पाएंगे।

 ग्रामीणों की भावुक प्रतिक्रिया

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की आंखें नम थीं। उनका कहना था कि यह केवल विकास नहीं, बल्कि सम्मान और पहचान की वापसी है। चौगुर्जी गांव का कायाकल्प अब लखीमपुर खीरी के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल बन गया है।

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