IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, पहली प्रतिक्रिया में लिखा- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो-बढ़े चलो’
IAS Divya Mittal Resignation: 2013 बैच की यूपी कैडर IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर हो गया है। X पर पहली प्रतिक्रिया में लिखा- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो-बढ़े चलो’।
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से विदाई ले ली है। केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। 14 सितंबर 2026 को उनके त्यागपत्र को मंजूरी दिए जाने की अधिसूचना जारी हुई, जबकि इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी माना जा रहा है।
इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो-बढ़े चलो।’ उनकी इस संक्षिप्त पोस्ट के बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
30 अगस्त को दिया था इस्तीफा
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला दिया था।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उनका त्यागपत्र केंद्र सरकार को भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके इस्तीफे को मंजूरी दी गई।
इस तरह इस्तीफा दिए जाने के करीब 15 दिन के भीतर उनकी सेवा से विदाई की प्रक्रिया पूरी हो गई।
इस्तीफा मंजूर होते ही सोशल मीडिया पर पहली प्रतिक्रिया
त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद दिव्या मित्तल ने एक्स पर सिर्फ एक पंक्ति लिखी। उन्होंने कहा—
‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो-बढ़े चलो।’
उनकी इस पोस्ट को प्रशासनिक सेवा के बाद जीवन की नई पारी की ओर बढ़ने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि अब वह किस क्षेत्र में काम करेंगी या उनका अगला कदम क्या होगा।
इसलिए उनकी पोस्ट से भविष्य की किसी विशेष भूमिका या क्षेत्र के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना फिलहाल उचित नहीं होगा।
देवरिया DM पद से हटाए जाने के बाद चर्चा में आया था नाम
दिव्या मित्तल को मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया था। इसके बाद उनके प्रशासनिक करियर और भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं।
हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे आधिकारिक तौर पर व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों की बात सामने आई है। ऐसे में उनके तबादले या नई तैनाती को इस्तीफे की वजह मानना उचित नहीं होगा, जब तक स्वयं दिव्या मित्तल की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आता।
मीरजापुर से चुनाव लड़ने की भी चर्चा
दिव्या मित्तल के प्रशासनिक सेवा से बाहर आने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अटकलें तेज हैं। खासतौर पर मीरजापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में सामने आती रही है।
हालांकि, अभी तक दिव्या मित्तल की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए मीरजापुर से चुनाव लड़ने की संभावना को फिलहाल महज चर्चा और कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
लंदन की नौकरी छोड़कर बनी थीं IAS
दिव्या मित्तल का सिविल सेवा तक पहुंचने का सफर भी खास रहा है। IAS बनने से पहले उन्होंने विदेश में कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया था। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और UPSC परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया।
उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान उनकी कार्यशैली और फैसलों को लेकर वह लगातार चर्चा में रही हैं। जिलाधिकारी के तौर पर भी उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभालीं।
अब क्या है दिव्या मित्तल का अगला कदम?
इस्तीफा मंजूर होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि IAS दिव्या मित्तल अब आगे क्या करेंगी? उनकी एक्स पोस्ट में नए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकेत जरूर मिलता है, लेकिन उन्होंने अपनी भविष्य की योजना सार्वजनिक नहीं की है।
ऐसे में शिक्षा, लेखन, सामाजिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या राजनीति जैसे विभिन्न क्षेत्रों को लेकर संभावनाओं की चर्चा हो सकती है, लेकिन इनमें से किसी एक को उनका अगला कदम बताना अभी जल्दबाजी होगी।
उनकी ओर से आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रशासनिक सेवा के बाद वह किस क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू करने जा रही हैं।
प्रशासनिक सेवा के बाद नई पारी पर नजर
दिव्या मित्तल का इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही उनका IAS अधिकारी के रूप में प्रशासनिक सफर औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। इस्तीफे के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ चुकी है, जिसमें उन्होंने लिखा है- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो-बढ़े चलो।’
अब निगाहें उनके अगले कदम पर हैं। फिलहाल उनकी सोशल मीडिया पोस्ट नए रास्ते की ओर बढ़ने का संकेत देती है, लेकिन वह रास्ता प्रशासन, सामाजिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या राजनीति में से कौन सा होगा, इसका जवाब आने वाले समय में उनकी आधिकारिक घोषणा से ही मिलेगा।




