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रज्जू भैया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का सख्त संदेश, बोलीं- गलत मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की कटे सैलरी

प्रयागराज स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को सम्मानित किया। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं के गलत मूल्यांकन पर सख्त कार्रवाई और दोषी शिक्षकों की सैलरी काटने की चेतावनी दी।

प्रयागराज। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां और पदक प्रदान किए तथा शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया।

गलत मूल्यांकन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राज्यपाल ने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का सही मूल्यांकन नहीं किया या बिना उत्तर पढ़े अंक दिए हैं, उनकी कॉपियों की दोबारा जांच कराई जाए। यदि लापरवाही साबित होती है तो संबंधित शिक्षकों के वेतन से कटौती की जाए।

डिजिटल मूल्यांकन पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली तथा उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन अवलोकन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को अपनाना समय की जरूरत है। इससे विद्यार्थियों का विश्वास बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) को याद करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करना है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और उन्हें इस दिशा में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

38 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि

विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. विनीता यादव ने बताया कि इस वर्ष दीक्षांत समारोह में लगभग 18 हजार स्नातक (यूजी) और 20 हजार परास्नातक (पीजी) विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।

73 स्वर्ण पदक सहित कई छात्र हुए सम्मानित

समारोह में कुल 73 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 83 को रजत पदक और 87 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान किए गए।

इसके अलावा खेलो इंडिया और अंतर-विश्वविद्यालय राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 14 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। विजेता खिलाड़ियों को क्रमशः प्रथम स्थान के लिए एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए 75 हजार रुपये और तृतीय स्थान के लिए 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।

सुशासन और जवाबदेही का दिया संदेश

कुलसचिव प्रो. विनीता यादव ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उच्च शिक्षा में सुशासन, पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और जवाबदेही का संदेश भी लेकर आया।

समारोह में राज्यपाल की सख्त टिप्पणियों और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों ने यह स्पष्ट किया कि संस्थान आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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