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कांग्रेस धन्यवाद रैलियां: 19 महीने बाद जागी पार्टी, यूपी के 17 लोकसभा क्षेत्रों में आयोजन

“कांग्रेस धन्यवाद रैलियां उत्तर प्रदेश में 17 लोकसभा क्षेत्रों में आयोजित होंगी। 2024 में बनी रणनीति पर 19 महीने बाद अमल, 2027 विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने और बसपा गठबंधन के संकेत।”

हाइलाइट्स :

  • यूपी के 17 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस धन्यवाद रैलियां

  • जून 2024 की घोषणा पर अब अमल

  • 2027 विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी

  • प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय के बयान से संकेत

  • बसपा के साथ गठबंधन की संभावनाएं

  • सपा से रिश्तों में आई ठंडक का असर

कांग्रेस धन्यवाद रैलियां: 19 महीने बाद सक्रिय हुई पार्टी, यूपी में सियासी रणनीति बदली

लखनऊ। कांग्रेस धन्यवाद रैलियां आखिरकार जमीन पर उतरने जा रही हैं। लगभग 19 महीने बाद कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपनी उस रणनीति पर अमल करने का मन बनाया है, जिसे 2024 लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद तैयार किया गया था। पार्टी अब उन 17 लोकसभा क्षेत्रों में धन्यवाद रैलियां आयोजित करने की तैयारी में है, जहां कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था।

2024 के आम चुनाव में समाजवादी पार्टी के सहयोग से यूपी में मिली संजीवनी के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया था कि मतदाताओं का आभार जताने के लिए रैलियां होंगी, लेकिन तब यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब जब सपा से रिश्ते सहज नहीं दिख रहे, तो कांग्रेस ने उसी 19 माह पुरानी रणनीति को दोबारा निकाल लिया है।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत

कांग्रेस अब दबाव की राजनीति के तहत यह संदेश भी दे रही है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके संकेत पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने बीते शुक्रवार को दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है।

पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि इन धन्यवाद रैलियों के जरिए—

  • 2024 के समर्थन के लिए जनता का आभार

  • 2027 के लिए सीधा जनसंवाद

  • संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय

किया जाएगा।

शीर्ष नेताओं की तारीख का इंतजार

सूत्रों के मुताबिक, रैलियों की तारीखें तय करने के लिए—

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

  • लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी

  • सांसद प्रियंका गांधी

के समय का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि जनवरी–फरवरी में ही ये रैलियां आयोजित कर ली जाएं।

बसपा को साथ लाने की भी कोशिशें

कांग्रेस धन्यवाद रैलियां के साथ-साथ बसपा को लेकर भी सियासी संकेत दिए गए हैं। मुंबई में अविनाश पांडेय ने कहा कि—

“हम यूपी में अकेले चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अगर बसपा साथ आना चाहे तो उसका स्वागत है।”

इस बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी पहले अकेले चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं।

सपा की प्रतिक्रिया

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि—

“जब तक राहुल गांधी या मल्लिकार्जुन खरगे कुछ नहीं कहते, हम इन बयानों को गंभीरता से नहीं लेंगे।”

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने भी बयान के संदर्भ पर टिप्पणी करने से परहेज किया।

कांग्रेस धन्यवाद रैलियां केवल आभार कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दबाव और संगठनात्मक पुनर्जीवन की रणनीति मानी जा रही हैं। सपा से दूरी और बसपा से संभावित नजदीकी, यूपी की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है।

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