महोबा को सीएम योगी की बड़ी सौगात, 697 करोड़ रुपये की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
गोरखगिरि में रोपवे और एडवेंचर टूरिज्म विकसित करने की घोषणा, बुंदेलखंड के विकास और माफिया मुक्त प्रदेश पर जोर
महोबा दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 697 करोड़ रुपये की 88 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। गोरखगिरि में रोपवे, पर्यटन विकास, डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड के कायाकल्प को लेकर बड़े ऐलान किए।
महोबा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महोबा दौरे के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगात देते हुए 697 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बुंदेलखंड के समग्र विकास, पर्यटन संवर्धन, जल संरक्षण और औद्योगिक प्रगति को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए महोबा को उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 12 वर्षों बाद गोरखगिरि पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। उन्होंने घोषणा की कि गोरखगिरि क्षेत्र में रोपवे का निर्माण कराया जाएगा तथा इसे एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही महोबा महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और आल्हा-ऊदल की वीरता से जुड़े अखाड़ों के निर्माण की भी योजना बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा वीरों, संतों और गौरवशाली परंपराओं की भूमि है। यहां की धरती ने आल्हा-ऊदल जैसे योद्धा, गुरु गोरखनाथ जैसे तपस्वी और चंदेल राजाओं जैसी गौरवशाली विरासत देश को दी है। उन्होंने कहा कि महोबा का ग्रेनाइट उद्योग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और यहां का प्रसिद्ध देसावरी पान अब जिले की नई पहचान बनता जा रहा है।
डबल इंजन सरकार ने बदली बुंदेलखंड की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा कर बुंदेलखंड के किसानों को बड़ी राहत दी गई। लंबे समय से अधूरी पड़ी परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा किया गया, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की स्थिति में सुधार हुआ है।
जल संरक्षण और तालाबों के पुनर्जीवन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड कभी पानी की गंभीर समस्या से जूझता था। महिलाओं को दूर-दूर से सिर पर घड़े रखकर पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब हर घर जल योजना के माध्यम से लोगों को घरों तक पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने चंदेलकालीन तालाबों को जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से तालाबों के संरक्षण एवं गाद निकालने के कार्य में सहयोग करने की अपील की।
माफिया पर कार्रवाई जारी, रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने भूमाफिया, खनन माफिया और वन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया था और उस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होने से निवेश और विकास का वातावरण बना है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से क्षेत्र को औद्योगिक पहचान दी जा रही है। महोबा, झांसी, चित्रकूट और हमीरपुर को रक्षा उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा। यहां बनने वाले रक्षा उपकरण और हथियार देश की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।
किसानों और युवाओं के हित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि कबरई बांध से प्रभावित किसानों का वर्षों से लंबित भुगतान सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अन्नदाताओं का शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
युवाओं के रोजगार और कौशल विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बुंदेलखंड को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगवां परियोजना, चिल्ली स्प्रिंकलर योजना और रतौली बांध जैसे विकास कार्यों के माध्यम से बुंदेलखंड की तस्वीर बदली जा रही है। महोबा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना तथा पर्यटन क्षेत्र में पेशेवर दृष्टिकोण अपनाकर जिले को नई पहचान दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और महोबा को विकास, पर्यटन और औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आल्हा-ऊदल की लोकगाथाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने तथा देसावरी पान को नई बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जाएंगे।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महोबा आने वाले वर्षों में विकास और विरासत के संतुलित मॉडल के रूप में उभरेगा। “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ उन्होंने अपना संबोधन समाप्त किया।



