यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में चिराग पासवान, बोले- गठबंधन नहीं हुआ तो अकेले उतरेगी LJP
वाराणसी में नव संकल्प महासभा के जरिए चिराग पासवान ने किया शक्ति प्रदर्शन, कहा- उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने आया हूं; आरक्षण और संविधान पर आंच नहीं आने दूंगा। कांग्रेस और सपा पर भी साधा निशाना।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासत में नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिलने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन करते हुए बड़ा चुनावी एलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर औपचारिक बातचीत चल रही है। यदि गठबंधन पर सहमति नहीं बनी तो उनकी पार्टी प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
गुरुवार को वाराणसी के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित लोजपा की ‘नव संकल्प महासभा’ को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि अभी तो चुनावी शंखनाद हुआ है। पार्टी उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मैदान में उतरी है। गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन पार्टी अपने राजनीतिक विकल्प खुले रखेगी।
चिराग के इस बयान को उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनावी राजनीति में लोजपा (रामविलास) की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर तब, जब एनडीए के सहयोगी दल भी यूपी में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और चुनावी भूमिका को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
काशी से चिराग पासवान का चुनावी शंखनाद, गठबंधन पर दिया बड़ा संकेत
वाराणसी में आयोजित महासभा में चिराग पासवान ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनके सपनों और संकल्पों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश आए हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बिहार में दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। उसी संघर्ष को अब उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय की राजनीति के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।
चिराग ने अपने संबोधन में साफ किया कि पार्टी केवल चुनावी भागीदारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। गठबंधन को लेकर सहमति नहीं बनने की स्थिति में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का विकल्प पार्टी के पास रहेगा।
आरक्षण और संविधान पर आंच नहीं आने देंगे: चिराग पासवान
महासभा में चिराग पासवान ने आरक्षण और संविधान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बाबा विश्वनाथ की धरती से अपने पिता के संघर्षों की कसम खाते हुए कहा कि जब तक चिराग पासवान जिंदा हैं, तब तक आरक्षण और संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और संविधान की रक्षा करना जरूरी है। चिराग ने अपने पिता रामविलास पासवान के राजनीतिक योगदान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने संसद में दलितों और वंचितों की आवाज को मजबूती से उठाया।
उन्होंने मंडल आयोग और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को भी अपने पिता के राजनीतिक योगदान से जोड़ा।
कांग्रेस और सपा पर भी साधा निशाना
चिराग पासवान ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति की है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि यदि उत्तर प्रदेश का युवा जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट हो गया तो उनकी राजनीतिक चुनौतियां बढ़ जाएंगी।
चिराग ने युवाओं से सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में बदलाव के लिए सामाजिक एकता जरूरी है।
यूपी में जदयू के बाद लोजपा ने भी बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एनडीए के सहयोगी दलों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। चिराग पासवान की वाराणसी में आयोजित महासभा से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने भी काशी में कार्यकर्ता सम्मेलन किया था।
जदयू के इस सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार शामिल हुए थे। अब चिराग पासवान के शक्ति प्रदर्शन और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान ने यूपी में सहयोगी दलों की चुनावी महत्वाकांक्षाओं को चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में सीटों के बंटवारे और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर आने वाले समय में बातचीत तेज हो सकती है।
महासभा में लोजपा के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
वाराणसी में आयोजित नव संकल्प महासभा में लोजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता शामिल हुए। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणिशंकर पांडेय, जमुई से सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी अरुण भारती, राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरेन्द्र सिंह मुन्ना और मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
सभा के जरिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारियों का संदेश देने की कोशिश की।
यूपी की 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कितना अहम?
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। ऐसे में लोजपा (रामविलास) का सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का विकल्प सामने रखना प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है।
हालांकि, चिराग पासवान ने गठबंधन की बातचीत जारी होने की बात भी कही है। इसलिए फिलहाल इसे पार्टी की चुनावी रणनीति और संभावित विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए। सीटों पर अंतिम फैसला गठबंधन वार्ता और पार्टी की आगे की रणनीति के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा और लोजपा (रामविलास) के बीच सीटों को लेकर किस तरह की सहमति बनती है और क्या चिराग पासवान उत्तर प्रदेश में एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे या पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी।




