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यूपी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा रेसिपी आधारित खास खाना, 301 करोड़ फंड मंजूर

“उत्तर प्रदेश में अप्रैल से आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार मिलेगा। योगी सरकार ने योजना के लिए 301.19 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है और पारदर्शिता के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू किया जाएगा।”

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में अप्रैल से रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार योजना लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत इस प्रकार की योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 301.19 करोड़ रुपये के वायबिलिटी गैप फंड को मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

फेस रिकग्निशन सिस्टम से होगा वितरण

अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश में ऑफलाइन वितरण को अमान्य कर दिया गया है और केवल एफआरएस प्रणाली के माध्यम से ही पुष्टाहार वितरण मान्य होगा। इससे लाभार्थियों तक सही और पारदर्शी तरीके से पोषण सामग्री पहुंच सकेगी।

अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग पोषण

नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में सात श्रेणी के लाभार्थियों को ध्यान में रखते हुए पोषण योजना तैयार की गई है। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों और महिलाओं के लिए अलग प्रकार का पौष्टिक भोजन तय किया गया है।

  • 6 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा।

  • 1 से 3 वर्ष तक के बच्चों को भी आटा-बेसन हलवा मिलेगा।

  • 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन बर्फी और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी दी जाएगी।

  • गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वयं सहायता समूह और नैफेड की भूमिका

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से रेसिपी आधारित पुष्टाहार तैयार कर सीधे आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जिन जिलों में यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी, वहां नैफेड के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों तक आपूर्ति की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस नई पोषण व्यवस्था से प्रदेश के लाखों बच्चों और महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक भोजन मिलेगा, जिससे कुपोषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

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