Budget 2026: यूपी के लिए $1 ट्रिलियन का महा-प्लान, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और मध्यम वर्ग को बड़ा बूस्ट
“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तर प्रदेश के लिए हाई-स्पीड रेल, मेट्रो विस्तार, 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़े निवेश की घोषणा की।”
लखनऊ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किया गया Budget 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक समृद्धि और बुनियादी ढांचे का नया रोडमैप लेकर आया है। “सबका साथ, सबका विकास” के विजन के तहत यह बजट विशेष रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन और मध्यम वर्ग को राहत देने पर केंद्रित है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और वित्तीय सहायता के तहत राज्य को लगभग ₹2.80 लाख करोड़ मिलने का अनुमान है, साथ ही पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के लिए केंद्र के ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत ₹20,000 करोड़ आवंटित किए जा सकते हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन क्षेत्र में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिसमें नई दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के लिए दो प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं। मेट्रो विस्तार परियोजनाओं में लखनऊ, कानपुर और आगरा को प्राथमिकता दी गई है और उभरते शहरों के लिए ₹32,075 करोड़ की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया गया। अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिनमें गंगा नदी पर केंद्रित उत्तर प्रदेश के हिस्से को विशेष गति मिलेगी।
ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू की गई है, जो खादी और हैंडलूम क्षेत्र को सशक्त करेगी। लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने और भंडारण सुविधाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा में भी निवेश बढ़ाया गया है, जिसमें क्षेत्रीय चिकित्सा हब (Regional Medical Hubs) विकसित करने का प्रस्ताव और आईआईटी व मेडिकल संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल है।
मध्यम वर्ग और MSME सेक्टर को राहत देने के लिए आयकर में सुधार किए गए हैं, जिसमें नई टैक्स रिजीम के तहत ₹4 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स और ₹12 लाख तक की आय वाले कर्मचारियों के लिए प्रभावी रूप से शून्य कर की सुविधा जारी रहेगी। MSME और विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने के लिए विशेष हस्तक्षेप प्रस्तावित हैं, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में सशक्त कदम है। बुनियादी ढांचे पर बढ़ा हुआ खर्च, कर सुधार और ग्रामीण-शहरी विकास योजनाओं से राज्य के सामान्य जनमानस के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
केंद्रीय कर और वित्तीय सहायता
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केंद्र से करों का हस्तांतरण: अनुमानित ₹2.80 लाख करोड़
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पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए ₹20,000 करोड़ ब्याज मुक्त ऋण का प्रस्ताव
इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन
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हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: नई दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी
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मेट्रो विस्तार: लखनऊ, कानपुर, आगरा सहित उभरते शहरों में ₹32,075 करोड़
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राष्ट्रीय जलमार्ग: अगले 5 वर्षों में 20 नए जलमार्ग, गंगा पर यूपी हिस्से को प्राथमिकता
ग्रामीण विकास और कृषि
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महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना से खादी और हैंडलूम को सशक्त बनाया जाएगा
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1.7 करोड़ किसानों के लिए कृषि उत्पादकता और भंडारण सुविधाओं में निवेश
स्वास्थ्य और शिक्षा
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क्षेत्रीय चिकित्सा हब स्थापित होंगे
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IIT और मेडिकल संस्थानों में बुनियादी ढांचा सुधारा जाएगा
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उच्च शिक्षा और तकनीकी कौशल पर जोर
मध्यम वर्ग और MSME राहत
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नई टैक्स रिजीम: ₹4 लाख तक शून्य आयकर, ₹12 लाख तक प्रभावी शून्य कर
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MSME और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश से रोजगार सृजन
यह बजट उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। बुनियादी ढांचे पर निवेश, ग्रामीण और औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार से आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है



