मायावती का 70वां जन्मदिन ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाएगी बसपा, चुनावी मोड में संगठन
“मायावती का 70वां जन्मदिन बसपा ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाएगी। ब्लू बुक के 21वें संस्करण के विमोचन के साथ पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करेगी।”
लखनऊ। मायावती जन्मदिन 2026 को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारी के अवसर के रूप में मनाने जा रही है। बसपा प्रमुख मायावती का 70वां जन्मदिन गुरुवार को प्रदेशभर में ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में आयोजित किया जाएगा।
बसपा के अनुसार प्रदेश के सभी मंडलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में होने वाले मुख्य आयोजन में मायावती ब्लू बुक के 21वें संस्करण का विमोचन करेंगी।
ब्लू बुक का विमोचन रहेगा मुख्य आकर्षण
पार्टी मुख्यालय में मायावती अपनी चर्चित पुस्तक
‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ (भाग-21)
और उसके अंग्रेजी संस्करण का विमोचन करेंगी। इसे बसपा के वैचारिक आंदोलन और संगठनात्मक संघर्ष का दस्तावेज माना जाता है।
जन्मदिन के बाद चुनावी मोड में बसपा
जन्मदिन कार्यक्रम के तुरंत बाद बसपा नेतृत्व 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को धार देने की रणनीति पर काम करेगा। सूत्रों के अनुसार—
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प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों
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मंडल और जिला कोआर्डिनेटर्स
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वरिष्ठ नेताओं
के साथ बैठकों का दौर शुरू होगा, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भागीदारी और मतदाता जोड़ने की रणनीति पर चर्चा होगी।
2007 जैसा प्रदर्शन दोहराने की कोशिश
गौरतलब है कि लगातार घटते जनाधार के कारण बसपा पिछले लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमट गई थी और विधानसभा में फिलहाल पार्टी का केवल एक विधायक है। ऐसे में मायावती वर्ष 2007 जैसी राजनीतिक वापसी के लक्ष्य के साथ संगठन को फिर से खड़ा करने में जुटी हैं।
वंचित और मुस्लिम समाज पर फोकस
जनकल्याणकारी दिवस के आयोजनों में—
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दलित
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पिछड़ा
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वंचित
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मुस्लिम समाज
की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रमों में बसपा शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाया जाएगा और युवा पीढ़ी को पार्टी से जोड़ने पर जोर रहेगा।
केक काटने पर रोक, सादगी का संदेश
पार्टी संगठन ने निर्देश जारी किए हैं कि कार्यक्रमों में केक न काटा जाए। नेता-कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे पार्टी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद निजी रूप से परिवार के साथ जन्मदिन मनाएं। यह निर्देश बसपा की अनुशासनात्मक और सादगीपूर्ण छवि को दर्शाता है।
अन्य राज्यों में भी आयोजन
उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में जोन स्तर पर कार्यक्रम होंगे, जहां लखनऊ मुख्यालय के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। इसके बाद स्थानीय स्तर पर विचार गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



