बसपा सुप्रीमो मायावती की बड़ी चुनावी बैठक: 2000 नेताओं को देंगी मंत्र, 2027 की रणनीति तय
“बसपा सुप्रीमो मायावती ने 7 फरवरी को 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर बड़ी बैठक बुलाई है। कोर वोट बैंक, सोशल इंजीनियरिंग और यूजीसी नियमों पर पार्टी की रणनीति स्पष्ट की जाएगी।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए 7 फरवरी को एक बड़ी बैठक बुलाई है।
यह बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे-आपत्तियों की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद हो रही है, जिसे रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
कोर वोट बैंक और सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस
बैठक में मायावती पार्टी के कोर वोट बैंक को सहेजने, साथ ही सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति पर नेताओं को स्पष्ट दिशा-निर्देश देंगी। माना जा रहा है कि इस दौरान वह आगामी चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का मंत्र देंगी।
2000 से अधिक नेताओं की मौजूदगी
इस अहम बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा
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सभी जिलाध्यक्ष
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विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष और प्रभारी
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पिछड़ा व मुस्लिम भाईचारा कमेटी के सदस्य
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बामसेफ से जुड़े पदाधिकारी
सहित करीब 2000 नेताओं को बुलाया गया है।
संगठन कार्यों की होगी समीक्षा
बैठक में बसपा सुप्रीमो संगठन को पहले सौंपे गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगी। खास तौर पर संगठन विस्तार और SIR अभियान में पार्टी की भूमिका को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी।
यूजीसी के नए नियमों पर साफ होगा बसपा का रुख
बैठक का एक अहम एजेंडा यूजीसी के नए नियम भी हैं। मायावती इस मुद्दे पर पार्टी का आधिकारिक रुख नेताओं के सामने रखेंगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अब तक इस विषय पर उनका संतुलित रुख सवर्णों, विशेषकर ब्राह्मण वोटरों को साधने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनावी तैयारी का संकेत
गौरतलब है कि पहले यह बैठक बसपा सुप्रीमो के जन्मदिन 15 जनवरी के बाद प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे फरवरी में कर पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि 2027 विधानसभा चुनावों के लिए बसपा पूरी तरह मैदान में उतरने की तैयारी में है।



