गोरखपुर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट: योगी कैबिनेट ने चिलुआताल में 20 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। 140 करोड़ की लागत से बनेगा प्लांट।
गोरखपुर। Gorakhpur में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट को मंजूरी दे दी गई है। यह परियोजना चिलुआताल की जल सतह पर स्थापित की जाएगी।
इस प्लांट को Coal India Limited द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 140 करोड़ रुपये है। परियोजना के तहत विशेष फाइबर आधारित प्लेटफॉर्म पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जो पानी में सुरक्षित और टिकाऊ रहेंगे।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसे ग्रिड में जोड़कर स्थानीय बिजली जरूरतों को पूरा किया जाएगा। साथ ही, यह पहल पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इससे पहले उत्तर प्रदेश में औरैया (20 मेगावाट) और खुर्जा (11 मेगावाट) में भी फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। गोरखपुर की यह परियोजना राज्य को “सोलर सिटी” बनाने की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है।
परियोजना के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।



