UP में शिक्षा मित्रों को 18 हज़ार मानदेय, अनुदेशकों को 17 हज़ार: योगी का ऐलान
“UP में शिक्षा मित्रों को 18 हज़ार मानदेय देने की घोषणा सीएम योगी ने बजट सत्र के आखिरी दिन की। 1.47 लाख शिक्षा मित्रों और 24 हजार से अधिक अनुदेशकों को लाभ, 5 लाख तक कैशलेस इलाज और छात्राओं को स्कूटी योजना का ऐलान।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा ऐलान शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल से शिक्षा मित्रों को 10 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जबकि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
करीब 1.47 लाख शिक्षा मित्रों को लाभ
सरकार के मुताबिक इस फैसले से प्रदेश के 1,43,781 शिक्षा मित्रों और 24,781 अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
साथ ही सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
गृह जनपद में तैनाती की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद शिक्षा मित्रों को उनके गृह जनपद की ग्राम पंचायतों में तैनात करने की योजना को मंजूरी दी गई है। उल्लेखनीय है कि करीब 37 हजार शिक्षा मित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं और सहायक अध्यापक के रूप में समायोजन की मांग को लेकर न्यायालय का रुख कर चुके हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों की बालिकाओं को स्कूटी
सीएम योगी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत बालिकाओं को स्कूटी देने की घोषणा भी की। इसे महिला सशक्तिकरण और शिक्षा प्रोत्साहन की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
सदन में आरोप-प्रत्यारोप और सियासी तकरार
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने निजी स्कूलों और विश्वविद्यालयों की फीस नियंत्रण के लिए कानून लाने की मांग की। उन्होंने फीस वृद्धि पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि नियंत्रण नहीं हुआ तो शिक्षा आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी।
वहीं सपा विधायक रागिनी सोनकर ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दे को उठाया। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने जवाब दिया कि किसी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा और पूर्व के शासनादेश लागू हैं।
जीडीपी और राजकोषीय घाटे पर दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़ाकर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाई गई है और इसे 40 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि 2016-17 में राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत से अधिक था, जो अब घटकर 2 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रह गया है।
पूंजीगत व्यय 1.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का भी दावा किया गया।
इंडस्ट्री 5.0 और एमएसएमई पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत किया गया है। उन्होंने विश्वकर्मा सम्मान योजना का जिक्र करते हुए बताया कि 1.10 लाख युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण दिया गया।
उन्होंने इंडस्ट्री 5.0 पर चर्चा की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है।
AI समिट विवाद पर कांग्रेस की निंदा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की निंदा की और इसे शर्मनाक बताया।
कविता के जरिए विपक्ष पर हमला
सदन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा—
“जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर…”
उन्होंने विपक्ष पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाया और इंसेफ्लाइटिस उन्मूलन सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
हंगामे के बीच कार्यवाही जारी
सत्र के दौरान महंगाई, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, कर्ज और बजट प्रावधानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ समय के लिए सदन में हंगामा हुआ, हालांकि बाद में कार्यवाही सामान्य हुई।
राजनीतिक संकेतों से भरा आखिरी दिन
बजट सत्र का अंतिम दिन घोषणाओं और राजनीतिक हमलों से भरा रहा। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए की गई घोषणाएं जहां राहत का संदेश दे रही हैं, वहीं विपक्ष ने आंकड़ों और दावों पर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीनी असर और राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट होगा।




