अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, बोले– अधर्म के रास्ते पर सरकार
“अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। गंगा स्नान से शंकराचार्यों और साधु-संतों को रोके जाने को उन्होंने सबसे बड़ा अधर्म बताया।”
प्रयागराज। अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर प्रयागराज में गंगा स्नान के दौरान उत्पन्न स्थिति पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। गुरुवार को लखनऊ में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है और शंकराचार्यों व साधु-संतों को गंगा स्नान से रोकना सबसे बड़ा अधर्म है।
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य और साधु-संत सनातन धर्म के प्रतीक हैं। उनका अपमान करना पूरे सनातन धर्म का अपमान है। यदि सरकार किसी साधु-संत या शंकराचार्य का अपमान करती है तो समाजवादी पार्टी उसके विरोध में मजबूती से खड़ी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अधिकारियों पर दबाव बनाकर शंकराचार्य को नोटिस भिजवा रही है और उनसे प्रमाण-पत्र मांग रही है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री से योगी होने का प्रमाण-पत्र मांग ले तो क्या वे देंगे? योगी होने का उनके पास क्या प्रमाण है?
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार ने गोमती नदी को गंदा कर दिया है और उनकी सोच भी उसी तरह गंदगी से भरी हुई है। उन्होंने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शंकराचार्य के सामने दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।
इसके अलावा नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हादसे के बाद सरकार के तमाम विभाग युवक की जान क्यों नहीं बचा सके। वहीं संभल में एक जज के ट्रांसफर को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर सच को दबाने का आरोप लगाया।
इस मौके पर सपा के महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को किसी गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




