महिला सुरक्षा पर अखिलेश यादव का हमला, बोले– यूपी में अपराध-भ्रष्टाचार चरम पर
मेरठ घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है और महिला सुरक्षा के दावे झूठे हैं।
लखनऊ। महिला सुरक्षा पर अखिलेश यादव का बयान एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ में मां पर हमला कर बेटी के अपहरण की घटना का हवाला देते हुए भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ के अनुसार, सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है। महिलाएं और बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे महिला सुरक्षा के दावे पूरी तरह झूठे हैं और प्रदेश की जनता इसका जवाब 2027 के विधानसभा चुनाव में देगी।
शुक्रवार को जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि मेरठ की घटना बेहद गंभीर है और यह भाजपा सरकार की विफल कानून-व्यवस्था को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और इसी कारण अपराध बेलगाम हो चुके हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि महिला अपराध और साइबर क्राइम के मामलों में उत्तर प्रदेश देश में सबसे ऊपर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी लगातार दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार झूठे विज्ञापनों के जरिए सच्चाई को छुपाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला एशिया स्तर का घोटाला बनता जा रहा है और प्रदेश में माफिया राज को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अरबों रुपये की काली कमाई में सत्ताधारी दल की हिस्सेदारी है।
इसके साथ ही सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं और बूथ लेवल एजेंटों को नो-मैपिंग मतदाताओं के नोटिस उपलब्ध कराने की मांग की है।




