गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- लॉ एंड ऑर्डर खत्म
“गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की गोली मारकर हत्या के बाद अखिलेश यादव ने यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। जानें पूरा मामला।”
गोरखपुर। गोरखपुर में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। वहीं, मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है।
सुबह टहलने निकले थे, घात लगाकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, बरगदवा गांव निवासी राजकुमार चौहान मंगलवार सुबह करीब 5 बजे रोज की तरह टहलने निकले थे। घर से कुछ दूरी पर पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
गोली सीने, गर्दन और सिर में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने गोली मारने के बाद चाकू से भी कई वार किए।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
इस घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भाजपा सरकार को घेरा।
उन्होंने लिखा—
“उप्र में लॉ एंड ऑर्डर को ही गोली मार दी गई है। अब भाजपाई ‘आस्तीनी अपराधी’ ही सरकार का एनकाउंटर कर रहे हैं, जिन्हें उन्होंने खुद पाला-पोसा है।”
अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर जैसे शहर में दिनदहाड़े हुई यह हत्या बताती है कि अपराधियों को किसका संरक्षण मिल रहा है।
पुलिस जांच में जुटी, दो संदिग्ध हिरासत में
मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक रेस्टोरेंट संचालक समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस इस हत्याकांड को पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है। बताया जा रहा है कि मृतक का परिवार स्थानीय राजनीति से भी जुड़ा रहा है, जिससे कई एंगल सामने आ रहे हैं।
इलाके में दहशत, बढ़ी सुरक्षा
घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस वारदात ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन पर मामले के जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया है।




