राहुल गांधी के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कांशीराम के भारत रत्न समर्थन में
“समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने BSP संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने का समर्थन किया। राहुल गांधी ने भी पहले यह मांग रखी थी। कांशीराम ने दलित समाज और बहुजन आंदोलन के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।”
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक और दलित समाज के मसीहा कहे जाने वाले कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बाद अब समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस समर्थन में खुलकर अपनी राय रखी है।
उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने सोमवार को मीडिया से कहा कि मान्यवर कांशीराम ने दलित समाज और बहुजन चेतना के उत्थान के लिए अपार योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “कांशीराम जी और समाजवादी पार्टी ने एक समय में मिलकर देश को दिशा दी थी। उनके मार्ग पर चलने वाले लोग आज उनकी याद में भारत रत्न की मांग कर रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने याद दिलाया कि 1990 के दशक में सपा और बसपा ने गठबंधन कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराया था। उन्होंने कहा, “उस समय नेताजी मुलायम सिंह यादव और कांशीराम जी ने मिलकर भाजपा को परास्त किया। उसी के बाद भाजपा अपने कार्यक्रमों में बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर लेकर आती है।”
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा था कि भारत सरकार को सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान कांशीराम और उनके आंदोलन को श्रद्धांजलि देने के लिए जरूरी है, जिसने करोड़ों बहुजनों को अधिकार, भागीदारी और आत्म-सम्मान की राह दिखाई।
विश्लेषकों का कहना है कि इस मांग से उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट बैंक पर राजनीतिक असर बढ़ सकता है। BSP, SP और कांग्रेस की इस पहल ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह कांशीराम के योगदान को मान्यता देते हुए भारत रत्न प्रदान करे।
यह राजनीतिक सरगर्मी आगामी चुनावों में दलित समुदाय के दृष्टिकोण और दलों की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है।




