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आखिरी सांस तक जनता की सेवा करता रहूंगा: पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में रोड शो कर 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आखिरी सांस तक जनता की सेवा करता रहूंगा। साथ ही 325 करोड़ रुपये की लागत से बने पशु प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया।

पालनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत बनासकांठा जिले में रोड शो और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ की। इस दौरान उन्होंने करीब 14,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने किसानों के कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए केंद्र की योजनाओं और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi) के तहत छोटे किसानों को अब तक 4.5 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।

खाद की कमी को लेकर अफवाहों पर निशाना

पीएम मोदी ने ईरान में जारी संघर्ष और वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग खाद और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर किसानों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐसी अफवाहों का उद्देश्य सरकार को बदनाम करना है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के बावजूद सरकार किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देने के लिए प्रतिबद्ध है।

325 करोड़ की लागत से बना पशु प्रजनन केंद्र

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने बनासकांठा जिले के भिलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन किया। करीब 127 एकड़ में फैले इस केंद्र के निर्माण पर 325 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसे बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तकनीकी मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से स्थापित किया है।

इस केंद्र का उद्देश्य देशी गोवंश की नस्लों में सुधार करना और दूध उत्पादन बढ़ाना है। यहां इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और भ्रूण प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर नस्ल के पशु तैयार करने पर काम किया जाएगा।

सालाना 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्र में प्रतिवर्ष 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां गिर, कांकरेज, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी गायों की नस्लों के साथ मेहसाणा, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा जैसी भैंसों की नस्लों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

इस पहल से पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराने, दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन की लागत को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। केंद्र की ओर से पशुपालकों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला सीमन, भ्रूण और प्रजनन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की भी योजना है।

गुजरात में कई परियोजनाओं का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान बनास डेयरी की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल हुए। पशुपालन से जुड़ी महिलाओं ने भी प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्साह जताया।

गुजरात दौरे के दूसरे दिन 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद उनके दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम है।

 

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