बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, भीड़ ने हमले के बाद जिंदा जलाया
“बांग्लादेश में अशांति जारी है। शरीयतपुर जिले में 31 दिसंबर को भीड़ ने हिंदू युवक खोकोन दास पर हमला कर उसे जिंदा जला दिया। दिसंबर में हिंदुओं पर यह चौथा हमला है।”
नई दिल्ली | बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला 31 दिसंबर का है, जब शरीयतपुर जिले में एक उग्र भीड़ ने खोकोन दास नामक हिंदू युवक पर हमला कर उसे बेरहमी से जिंदा जला दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय खोकोन दास अपने घर लौट रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, उन्हें बुरी तरह पीटा और इसके बाद आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से घायल दास की मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना बांग्लादेश में दिसंबर महीने के भीतर हिंदुओं पर हुआ चौथा जानलेवा हमला बताया जा रहा है, जिसने एक बार फिर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
इससे पहले सोमवार को बेजेंद्र बिस्वास नामक एक हिंदू युवक को उसके सहकर्मी ने गोली मार दी थी।
24 दिसंबर को 29 वर्षीय अमृत मंडल की कालीमोहर संघ के हुसैनडांगा इलाके में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
वहीं, 18 दिसंबर को मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की फैक्ट्री में कथित तौर पर ईशनिंदा के झूठे आरोप के बाद भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। दास को पहले पीटा गया, फिर पेड़ से लटकाया गया और बाद में उसके शव को आग के हवाले कर दिया गया।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं से यह साफ है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भी इन घटनाओं पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन लगातार बढ़ती हिंसा ने कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

