यूपी में राज्यसभा के लिए भाजपा ने उतारे 8 नए चेहरे

यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 8 नए प्रत्याशियों का ऐलान किया। प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार समेत 2 महिलाओं को मौका, बीएल वर्मा और हरदीप पुरी के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आठ सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इस बार सभी आठ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारा है। इनमें दो महिला प्रत्याशी—बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और बरेली की श्रुति गंगवार शामिल हैं।
भाजपा के घोषित प्रत्याशियों में आंवला विधायक एवं प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, भाजपा नेता गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान और बरेली की भाजपा नेत्री श्रुति गंगवार शामिल हैं।
मौजूदा सदस्यों को नहीं मिला दोबारा मौका
भाजपा ने राज्यसभा की इन आठ सीटों पर वर्तमान सात सदस्यों में से किसी को भी दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाया है। पार्टी के इस फैसले को संगठन में नए चेहरों को आगे बढ़ाने और सामाजिक एवं क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बीएल वर्मा की जगह धर्मपाल सिंह
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया है। उनकी जगह उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। ऐसे में बीएल वर्मा की केंद्र सरकार में मंत्री पद से विदाई की अटकलें तेज हो गई हैं।
धर्मपाल सिंह बरेली की आंवला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं और लोधी समाज के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। पार्टी के इस फैसले को लोधी समाज के राजनीतिक समीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हरदीप पुरी की भी विदाई के संकेत
भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया है। ऐसे में उनके मोदी मंत्रिमंडल में बने रहने को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए नए चेहरों को मौका दिए जाने से केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कौन हैं भाजपा के आठ प्रत्याशी?
धर्मपाल सिंह: आंवला से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री हैं। लोधी समाज में उनका प्रभाव माना जाता है।
राधाकांत ओझा: इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।
प्रकाश पाल: भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और संगठन में पिछड़े वर्ग के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
विद्यासागर सोनकर: जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद हैं। संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
गोपी कृष्ण पांडेय: भाजपा संगठन से जुड़े नेता हैं। पार्टी ने उन्हें पहली बार राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है।
प्रियंका सिंह रावत: बाराबंकी से 2014 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। वर्तमान में भाजपा उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
राम प्रताप सिंह चौहान: भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता और प्रदेश महामंत्री हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
श्रुति गंगवार: बरेली क्षेत्र की भाजपा नेत्री हैं और अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन भी हैं। वह भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं।
भाजपा की इस सूची से साफ है कि पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के जरिए सामाजिक समीकरण, संगठनात्मक अनुभव और नए नेतृत्व को साधने की कोशिश की है। साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।



