चमोली टनल हादसा: मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, 19 लोग सुरक्षित निकले; 3 की तलाश जारी
चमोली टनल हादसे में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की टनल में फंसे 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।
गोपेश्वर। उत्तराखंड के चमोली जिले में तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हाट सियासैण (पीपलकोटी) स्थित परियोजना की टीआरटी टनल में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया था। इससे टनल में काम कर रहे कई लोग अंदर फंस गए। रातभर चले रेस्क्यू अभियान में अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन लोगों की तलाश अभी जारी है।
करीब 1.8 किलोमीटर हिस्से में आया मलबा और पानी
टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर बताई गई है। हादसे के बाद टनल के लगभग 1.8 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आने की स्थिति पैदा हुई।
मलबा और पानी भरने से टनल के भीतर काम कर रहे लोगों के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
28 लोगों के फंसे होने की मिली थी सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टनल के भीतर कुल 28 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। इनमें घटना के दौरान टनल के अंदर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कंपनी के छह कर्मचारी भी शामिल थे।
रातभर चले अभियान के दौरान राहत दलों ने लगातार प्रयास करते हुए 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं तीन लोगों की तलाश अभी भी जारी है। रेस्क्यू अभियान में टनल के अंदर गए कंपनी के छह लोग भी सुरक्षित बताए गए हैं।
घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
रेस्क्यू के दौरान बाहर निकाले गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है। अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों के उपचार में जुटी हैं। सभी घायलों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की ओर से घटनास्थल के साथ ही अस्पताल में भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि रेस्क्यू किए गए लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मलबे और पानी के बीच जवानों ने संभाला मोर्चा
टनल के अंदर मलबा और पानी होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने लगातार चुनौती बनी हुई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत अन्य तकनीकी और विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं।
बचाव दल टनल के भीतर बेहद सावधानी और आपसी समन्वय के साथ अभियान चला रहे हैं। मलबे को हटाने और अंदर तक पहुंच बनाने के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिलाधिकारी खुद कर रहे रेस्क्यू अभियान की निगरानी
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वह लगातार अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं।
जिलाधिकारी ने शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे तीनों लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
तीन लोगों की तलाश पर टिकी नजर
19 लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद अब रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान टनल में लापता बताए जा रहे तीन लोगों की तलाश पर है। मलबे और पानी के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन राहत दल लगातार काम कर रहे हैं।
जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है और टनल के भीतर मौजूद परिस्थितियों को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।


