जेवर में 6,785 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स हब की नींव, सीएम योगी बोले- जंगलराज अब मंगलराज बना
उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर केंद्र बनेगा जेवर, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश वाली इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जेवर अब उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने जा रहा है और गौतमबुद्ध नगर देश का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बन चुका है।
नोएडा। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश वाली इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जंगलराज के लिए चर्चित रहा जेवर क्षेत्र आज “मंगलराज” का प्रतीक बनकर उत्तर भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है।
जेवर बनेगा उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र
सेक्टर-10 में अंबर इंटरप्राइजेज और एस्केंट सर्किट की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण इकाइयों के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में जेवर वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
उन्होंने कहा कि आज सेमीकंडक्टर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी शक्ति बन चुका है और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। जेवर में स्थापित होने वाला इलेक्ट्रॉनिक्स हब देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ा निवेशकों का विश्वास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर कानून व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश प्रोत्साहन नीतियों ने बड़े निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया है ताकि निवेशकों को परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
कोरिया के साथ संयुक्त निवेश से मिलेगा उद्योग को बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर परियोजना में दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त निवेश किया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरिया की ऐतिहासिक रानी अयोध्या की राजकुमारी मानी जाती हैं, जिससे दोनों क्षेत्रों के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं।
देश का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बना गौतमबुद्ध नगर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर आज देश का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बन चुका है। देश में निर्मित होने वाले कुल मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन इसी जिले में हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अब भारत उन उत्पादों का निर्माण स्वयं करेगा, जिनके लिए पहले विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था और भविष्य में इन्हें वैश्विक बाजारों में निर्यात भी किया जाएगा।
जेवर में बनेगा आधुनिक पीसीबी और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का आयात करता रहा है, लेकिन अब इसका निर्माण जेवर में ही किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यहां 14 लेयर और 55 लेयर वाले उन्नत पीसीबी, फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्टेड पीसीबी (एचडीआई पीसीबी) और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में स्वीकृत बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद जेवर से लखनऊ की दूरी महज एक घंटा 40 मिनट में तय की जा सकेगी।
घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का होगा उत्पादन
अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड सेक्टर-8 में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 3,532 करोड़ रुपये के निवेश से विशाल विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। यहां पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स, एयर कंडीशनर और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा।
इसके अलावा मदरबोर्ड, सेमीकंडक्टर चिप बोर्ड और स्मार्टफोन व कंप्यूटर में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण भी प्रदेश में ही किया जाएगा।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “उत्तम प्रदेश” के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक है और नई परियोजनाओं के शुरू होने से बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जेवर एयरपोर्ट और उद्योग मिलकर बदलेंगे क्षेत्र की तस्वीर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स हब, एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जेवर आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र बन सकता है।



