मध्यांचल प्रबंधन निदेशक का अमौसी क्षेत्र में औचक निरीक्षण, राजस्व वसूली और पोर्टल लंबित मामलों पर सख्ती
मार्च लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश, झटपट पोर्टल की पेंडेंसी खत्म करने पर जोर
“मध्यांचल के प्रबंध निदेशक ने अमौसी क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर राजस्व वसूली, झटपट पोर्टल पेंडेंसी खत्म करने और बिजली बिल राहत योजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।”
लखनऊ। अमौसी क्षेत्र में गुरुवार को मध्यांचल के प्रबंध निदेशक ने औचक निरीक्षण कर विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता अमौसी को मार्च माह के राजस्व वसूली लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने झटपट पोर्टल पर लंबित सभी प्रकरणों को शून्य करने के आदेश भी दिए।
बिजली बिल राहत योजना पर फोकस
प्रबंध निदेशक ने कहा कि बिजली बिल राहत योजना के तहत पंजीकृत उपभोक्ताओं के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। इसके लिए अधिशासी अभियंता पीआर एडमिन को जिम्मेदारी सौंपी गई।
साथ ही जो उपभोक्ता अभी योजना के दायरे में नहीं आए हैं, उनकी समस्याओं की सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा
मुख्य अभियंता को निर्देशित किया गया कि झटपट पोर्टल के एचवी-1 और एचवी-2 श्रेणी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) को दी जाए।
इसके अलावा एएमआईएसपी (AMISP) के तहत एक हेल्प डेस्क स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
टीम समन्वय पर जोर
प्रबंध निदेशक ने तकनीकी और वाणिज्यिक टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता अमौसी के साथ अधीक्षण अभियंता (कलेक्शन), अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




