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कुत्ते ने काटा तो राज्य सरकार देगी मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

“Supreme Court on Stray Dogs: कुत्ते के काटने पर राज्य सरकार मुआवजा देगी। बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट की स्थिति में सरकार जिम्मेदार होगी। पढ़ें पूरा आदेश।”

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को एक अहम और सख्त फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ते के काटने से चोट लगती है या उसकी मौत होती है, तो राज्य सरकार को मुआवजा देना होगा

बच्चों और बुजुर्गों को नुकसान हुआ तो सरकार जिम्मेदार

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बच्चे या बुजुर्ग आवारा कुत्तों के हमले में घायल होते हैं या उनकी जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया।

कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर भी टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खाना खिलाने वालों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा—

“अगर आपको कुत्तों से इतना प्रेम है, तो उन्हें अपने घर ले जाएं।
सड़कों पर छोड़कर लोगों की जान जोखिम में क्यों डालते हैं?”

कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के कारण आम नागरिकों में डर का माहौल है और इसे भावनात्मक मुद्दा बनाकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

‘भावुकता सिर्फ कुत्तों के लिए?’

यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी की दलीलों के बाद आई। उन्होंने कहा था कि आवारा कुत्तों का मामला भावनात्मक है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा—

“ये भावुकता सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखाई देती है।”

इसके जवाब में गुरुस्वामी ने कहा कि उन्हें लोगों की भी उतनी ही चिंता है, लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि मानव जीवन सर्वोपरि है

पहले भी दे चुका है आदेश

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को ही देशभर के

  • स्कूल-कॉलेज

  • अस्पताल

  • बस स्टैंड

  • रेलवे स्टेशन

  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकारी परिसरों में कुत्तों के प्रवेश पर भी रोक लगाने को कहा था, हालांकि इस आदेश का कुछ वर्गों ने विरोध भी किया था।

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