काशी में मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेसियों का उपवास, बोले अजय राय—मनरेगा कोई खैरात नहीं
“वाराणसी (काशी) में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपवास किया। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मनरेगा कोई खैरात नहीं बल्कि करोड़ों गरीबों की सांस है। उन्होंने सरकार पर मनरेगा बजट में कटौती और कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया।”
वाराणसी। काशी में रविवार को मनरेगा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलित नजर आए। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टाउनहाल मैदागिन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रतीकात्मक उपवास किया और नारेबाजी करते हुए महात्मा गांधी व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प जताया।
इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि
“आज पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी और आंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने उपवास पर बैठे हैं। यह सरकार मनरेगा को खत्म करने का प्रयास कर रही है और इसके खिलाफ कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़क पर है।”
सरकार पर गरीबों की कमर तोड़ने का आरोप
अजय राय ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार ने मनरेगा के बजट में कटौती कर ग्रामीण गरीबों की कमर तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा,
“मनरेगा कोई खैरात नहीं है, यह करोड़ों गरीबों की सांस है। जब पेट खाली होगा तो हाथ काम नहीं करेंगे, बल्कि हिसाब मांगेंगे।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने मनरेगा का गला घोंटना बंद नहीं किया, तो गांव का पसीना दिल्ली और लखनऊ की कुर्सियों तक आग बनकर पहुंचेगा।
पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस का विरोध
अजय राय ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि
“सरकार हार के डर से पुलिस के पीछे छिप रही है। योगी-मोदी के इशारे पर हमारे जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को नजरबंद किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि हक की आवाज को पहरों और सलाखों से दबाया नहीं जा सकता।
मनरेगा कानून खत्म करने का आरोप
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गरीबों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने कहा,
“यह सरकार MGNREGA कानून को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। आने वाले दिनों में लखनऊ में एक ऐतिहासिक रैली होगी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे।”
सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है। इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने सरकार को साफ संदेश दिया है कि गरीबों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।




