उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पर बवाल, समाजवादी पार्टी ने मांगी जांच
“SIR वोटर लिस्ट विवाद उत्तर प्रदेश: विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की।”
लखनऊ। SIR वोटर लिस्ट विवाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से घटाई गई है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सपा का दावा है कि यदि यही स्थिति रही तो इससे चुनावी संतुलन प्रभावित हो सकता है।
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई, जिससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। पार्टी का कहना है कि एक ही बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा अलग-अलग चुनावों में अलग आंकड़े देना गंभीर सवाल खड़े करता है।
सपा नेताओं ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के मतदाताओं को सबसे अधिक नुकसान हो सकता है। पार्टी ने मांग की है कि अंतिम मतदाता सूची जारी करने से पहले सभी आपत्तियों का निष्पक्ष निस्तारण किया जाए।
समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग ने समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होगी। साथ ही कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की जांच कर आम जनता को जागरूक करें।



