Breaking NewsMain Slidesभारतलखनऊसमाचार

योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान—‘राम मंदिर निर्माण भारत की अस्मिता का गौरव

आस्था–परंपरा और राष्ट्रधर्म पर कही बड़ी बातें

“गाजियाबाद के भगवान पारसनाथ मूर्ति-मंदिर स्थापना दिवस पर CM योगी ने भारतीय संस्कृति, जैन अहिंसा परंपरा और अयोध्या राम मंदिर के ऐतिहासिक क्षणों पर महत्वपूर्ण बयान दिए।”

गाजियाबाद। भगवान पारसनाथ मूर्ति-मंदिर स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री तरुणसागरम तीर्थ में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, जैन समाज के प्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने भगवान पारसनाथ की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की और भारतीय आध्यात्मिक धारा को विश्व मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

“भारत की परंपरा ऋषियों-मुनियों की महागाथा है”—CM योगी

अपने संबोधन में उन्होंने कहा—

“भारत की परंपरा ऋषियों, संतों और मुनियों की अनंत महागाथा है। यह आध्यात्मिक विचारधारा विश्व को शांति, संतुलन और कल्याण का मार्ग दिखाती है।”

उन्होंने कहा कि भारत के आध्यात्मिक केंद्र केवल पूजा के स्थल नहीं, बल्कि मानव कल्याण की ऊर्जा-भूमि हैं।

अयोध्या पर बड़ा बयान—‘राम मंदिर निर्माण भारत की अस्मिता का गौरव’

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर को भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा—

“अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के हाथों भगवा ध्वजारोहण भारत की संस्कृति के पुनरुत्थान का ऐतिहासिक क्षण है।”

CM योगी ने इसे “आस्था और राष्ट्रधर्म की अनूठी उपलब्धि” बताया।

जैन समाज की अहिंसा परंपरा की प्रशंसा

योगी आदित्यनाथ ने जैन धर्म की तप, संयम और अहिंसा पर आधारित शिक्षाओं को भारतीय सभ्यता का गौरव बताते हुए कहा—

“जैन समुदाय ने विश्व मंच पर भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी है।”

उन्होंने तरुणसागरम तीर्थ परिसर की सेवाओं और समाजोन्मुखी गतिविधियों की विशेष सराहना की।

समारोह में आध्यात्मिक उत्साह

कार्यक्रम के दौरान—भजन-कीर्तन, शांतिपाठ, धार्मिक अनुष्ठान, साधु-संतों के प्रवचन आयोजित हुए। तीर्थ समिति ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

गाजियाबाद में आयोजित यह समारोह भारतीय परंपरा, आस्था और संस्कृति की जीवंत धारा को पुनर्स्थापित करने वाला रहा।

विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ला

Related Articles

Back to top button