UP ATS की बड़ी कार्रवाई: बुलंदशहर से दो संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप
उत्तर प्रदेश ATS ने बुलंदशहर के अकबरपुर गांव से दो युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों पर पाकिस्तानी आतंकियों शहजाद भट्टी और आबिद जट से संपर्क रखने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया और संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने बुलंदशहर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दोनों युवकों पर पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी तत्वों से संपर्क रखने और सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की आशंका है। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
इस कार्रवाई के बाद बुलंदशहर के अकबरपुर गांव में चर्चा और हलचल का माहौल है। वहीं, आरोपियों के परिवारों ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष बताते हुए जांच एजेंसियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
किन आरोपों में हुई कार्रवाई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मोहम्मद उमर और फैजान नामक दो युवकों को सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों के संपर्क पाकिस्तान में सक्रिय बताए जा रहे शहजाद भट्टी और आबिद जट नामक व्यक्तियों से जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक पोस्ट और तस्वीरें साझा करने के इनपुट मिलने के बाद एजेंसियों ने कार्रवाई की।
ATS कर रही गहन पूछताछ
अपर पुलिस महानिदेशक (ATS) अमिताभ यश के अनुसार दोनों युवकों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे, सोशल मीडिया के जरिए किस प्रकार की बातचीत होती थी और क्या उन्हें किसी प्रकार के निर्देश प्राप्त हुए थे।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं किसी बड़ी साजिश या सुरक्षा संबंधी खतरे से जुड़े पहलू तो नहीं हैं।
परिवार ने बताया बेगुनाह
मोहम्मद उमर की मां फराह ने दावा किया कि उनका बेटा पढ़ा-लिखा नहीं है और मोबाइल चलाने का शौक जरूर रखता था, लेकिन किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।
उमर के पिता जुल्फिकार अहमद ने बताया कि उनका 18 वर्षीय बेटा खेती और मजदूरी करता था तथा बिजली का काम सीख रहा था। उन्होंने कहा कि यदि मोबाइल पर कोई गतिविधि हुई भी है तो वह उसकी कम उम्र और नासमझी का परिणाम हो सकती है।
फैजान के परिवार का भी यही दावा
फैजान की मां जाहिदा ने कहा कि उनका परिवार भारत का नागरिक है और पाकिस्तान से उसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बेटे पर लगे आरोपों को निराधार बताया।
फैजान के पिता सलाउद्दीन ने बताया कि उनका बेटा इनवर्टर का काम सीख रहा था और काम के सिलसिले में गाजियाबाद गया हुआ था, जहां से उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए अपने साथ लिया।
गांव के पूर्व प्रधान ने क्या कहा?
अकबरपुर गांव के पूर्व प्रधान अफजाल अहमद ने कहा कि यदि जांच में दोनों युवक दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं यदि वे निर्दोष साबित होते हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांव में चर्चा है कि मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए कुछ संदिग्ध संपर्क बने हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होना चाहिए।
जांच पूरी होने तक आरोप साबित नहीं
सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक किसी भी युवक को दोषी घोषित नहीं किया है। फिलहाल मामला जांच के चरण में है और ATS डिजिटल गतिविधियों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड तथा संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।



