सोनभद्र हादसा: 14 मजदूर मलबे में दफन, 35 घंटे से ज़िंदगी और मौत के बीच जंग
“सोनभद्र हादसा में 100 फीट पहाड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत और 14 मजदूर मलबे में दब गए। NDRF–SDRF 35 घंटे से रेस्क्यू में जुटी हैं। खदान मालिक सहित 3 पर FIR दर्ज की गई है।”
सोनभद्र। सोनभद्र हादसा एक बार फिर उस लापरवाही और अव्यवस्थित खनन सिस्टम को सामने लाता है, जो मजदूरों की ज़िंदगी को हर दिन खतरे में डालता है। जिले में ड्रिलिंग के दौरान अचानक 100 फीट ऊंचा पहाड़ी हिस्सा भरभराकर गिर गया, और देखते ही देखते पूरा इलाका चीख-पुकार से भर उठा। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि 14 मजदूर अब भी मलबे के नीचे संघर्ष कर रहे हैं।
हादसे को 35 घंटे बीत चुके हैं और इसी बीच NDRF व SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबा हटाने के लिए बड़ी मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन खदान में पानी भर जाने के कारण ऑपरेशन बेहद मुश्किल हो गया है। पानी की तेज़ आवक और मिट्टी के बहाव ने बचाव दल के काम को और भी जोखिम भरा बना दिया है।
घटना के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया। खदान मालिक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि खदान मालिक अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जिलाधिकारी ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता था। मजदूरों को बिना किसी सेफ्टी गियर और खतरे का आकलन किए काम पर लगा दिया जाता था। यह हादसा उन्हीं आरोपों को और मजबूत करता है।
मलबे के नीचे फंसी 14 जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद अब भी जारी है। हर बीतता मिनट उम्मीदों को कम कर रहा है, लेकिन रेस्क्यू टीमों का साहस और प्रयास अभी भी बरकरार है।
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