मुजफ्फरनगर में गरमाई सियासत, राजपाल कश्यप बोले- मंत्रियों की हैसियत संतरियों के बराबर भी नहीं

सपा नेता राजपाल कश्यप ने BJP सरकार पर PDA के साथ अत्याचार का आरोप लगाया और मंत्रियों पर अखिलेश यादव को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने सोमवार को मुजफ्फरनगर में प्रेसवार्ता कर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के साथ अत्याचार और भेदभाव किया जा रहा है।
राजपाल कश्यप ने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ मंत्री लगातार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाकर बयान देते रहते हैं। उन्होंने इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, ओम प्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद का नाम लेते हुए सरकार पर राजनीतिक हमला बोला।
उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले भी कश्यप अलग-अलग जिलों में भाजपा सरकार की नीतियों और PDA से जुड़े मुद्दों पर इसी तरह के आरोप लगाते रहे हैं।
‘मंत्रियों की हैसियत संतरियों के बराबर भी नहीं’
प्रेसवार्ता में राजपाल कश्यप ने कहा कि सरकार के कुछ मंत्री सुबह से शाम तक अखिलेश यादव को लेकर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों को जनता के मुद्दों पर काम करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में लगाया जा रहा है।
कश्यप ने सरकार में मंत्रियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी हैसियत ‘संतरियों के बराबर भी नहीं’ रह गई है।
यह बयान राजपाल कश्यप की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
PDA को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप
राजपाल कश्यप ने भाजपा सरकार पर PDA—Backward, Dalit and Minority वर्ग के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े लोगों के मुद्दों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
कश्यप पिछले कुछ समय से PDA के मुद्दे को लेकर सपा के कार्यक्रमों में लगातार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में कन्नौज के तिर्वा में आयोजित PDA जनपंचायत में भी उन्होंने भाजपा सरकार पर PDA वर्ग के साथ अत्याचार और भेदभाव का आरोप लगाया था।
हरदोई की घटना का भी उठाया मुद्दा
सपा नेता ने हरदोई में मौर्य समाज की युवती की हत्या का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल के करीब कार्यक्रम होने के बावजूद संबंधित मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे।
राजपाल कश्यप ने दावा किया कि इसके विपरीत अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार की मदद की। इन दावों के संबंध में संबंधित पक्ष का जवाब इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
संजय निषाद से जुड़े मामले का जिक्र
राजपाल कश्यप ने कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता के साथ मारपीट हुई, इलाज में परेशानी हुई और मौत के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई को लेकर परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कश्यप ने दावा किया कि उनके धरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त था।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
एक्सप्रेस-वे और सरकारी संपत्तियों पर भी सवाल
राजपाल कश्यप ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे और सरकारी संपत्तियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
उन्होंने सवाल किया कि एक ओर सरकार विकास कार्यों का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी संपत्तियों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
यह आरोप भी कश्यप के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और संबंधित सरकारी विभाग या भाजपा की ओर से इस प्रेसवार्ता के संदर्भ में कोई विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं है।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा का PDA फोकस
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा PDA सामाजिक समीकरण को लेकर लगातार कार्यक्रम कर रही है। 28 सितंबर को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में भी सपा के PDA जनसंवाद कार्यक्रम में राजपाल कश्यप ने हिस्सा लिया और पार्टी की राजनीतिक सक्रियता दिखाई। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने मुजफ्फरनगर की सभी छह विधानसभा सीटों पर सपा की जीत का दावा किया। यह दावा राजनीतिक है, चुनावी परिणाम का पूर्वानुमान नहीं।
राजपाल कश्यप इससे पहले भी कश्यप, निषाद और बिंद समाज को PDA के साथ जोड़ने की अपील कर चुके हैं।
2027 में जनता के फैसले की बात
मुजफ्फरनगर में राजपाल कश्यप ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अपने वोट की ताकत से सरकार को जवाब देगी। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए सपा के PDA सामाजिक गठजोड़ को मजबूत करने की बात कही।
इस तरह मुजफ्फरनगर की प्रेसवार्ता में राजपाल कश्यप ने अखिलेश यादव, PDA, कानून-व्यवस्था, सरकारी संपत्तियों, गंगा एक्सप्रेस-वे और 2027 विधानसभा चुनाव जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा।




