कांग्रेस सांसद ने की बड़ी मांग, बोले—गाय को मिले ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा
“कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण ने संसद में गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग उठाई। देशी नस्ल की घटती संख्या और संरक्षण पर सरकार से ठोस कदम की अपील।”
इलाहाबाद से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण शुक्रवार को लोकसभा में उस मुद्दे को उठा बैठे, जिसे अब तक मुख्यतः BJP और उससे जुड़े संगठन मजबूती से उठाते रहे हैं। सांसद ने सदन में गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की औपचारिक मांग की। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गाय को सदैव “गोमाता” के रूप में पूजा गया है और यह राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
सांसद उज्ज्वल रमण ने चिंता जताई कि भारत में देशी नस्ल की गायों की संख्या लगातार घटती जा रही है, जो कृषि, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि गाय, बछड़ा और बैल के वध पर सख्त प्रतिबंध, खरीद-फरोख्त के नियमों में सुधार तथा देशी नस्लों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति लागू की जाए।
उन्होंने कहा—
“गाय भारतीय संस्कृति की आत्मा है। देशी नस्लों की रक्षा करना हमारा नैतिक और राष्ट्रीय दायित्व है। गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।”
कांग्रेस सांसद का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि यह मुद्दा BJP की वैचारिक लाइन से मेल खाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2012 से 2019 के बीच देशी नस्ल की कई प्रजातियों में 8–12% तक कमी दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि देशी गायों का दूध A2 प्रोटीन युक्त होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उत्तर भारत में गौ-राजनीति के प्रभाव को समझते हुए दिया गया हो सकता है, जहाँ गाय से जुड़े मुद्दे जनता में तेजी से भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं।




